बस्ती। चन्द्रगुप्त मौर्य प्रभावंश महिला महाविद्यालय मथैली बनकटी में साइबर सुरक्षा को लेकर राष्ट्रीय सेवा योजना की रानी लक्ष्मीबाई व इन्दिरा गांधी इकाई के तत्वावधान में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमे छात्राओं को साइबर सुरक्षा के उपायों की जानकारी दी गई और साइबर अपराधियों द्वारा अपनाये जा रहे तरीके बताये गये जिससे वे खुद का बंचाव कर सकें। कार्यक्रम की शुरूआत अतिथियों द्वारा सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप जलाकर किया गया।
राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी विजय कुमार यादव ने साइबर सुरक्षा की संवेदनशीलता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उप निरीक्षक शिव शरण यादव ने कहा जिस तरह से तकनीकी विकास बड़ी तेजी से हो रहा है उसी तरह अपराध के नये तरीके भी विकसित हो रहे हैं। साइबर अपराध नये जमाने का ऐसा अपराध है कि जानकारी के अभाव मे अथवा जरा सी चूक से बैंक खातों से लाखों रूपयो की हेराफेरी हो जा रही है, या यूजर किसी गंभीर अपराध का शिकार हो रहा है। जागरूकता लाकर इसे रोका जा सकता है। उन्होने छात्राओं को जागरूक करते हुये साबइर अपराधियों का शिकार होने पर तुरन्त बिना समय गंवाये हमे 1930 नम्बर डायल करना चाहिये। जागरूकता ही बचाव का बेहतर तरीका है। विशिष्ट अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता अशोक श्रीवास्तव ने कहा, आजकल हर हाथ मे मोबाइल है। यह हमे नई जानकारियों से अपडेट रखता है। इसका प्रयोग किये बिना काम भी नही चलने वाला है। लेकिन जैसे ही हम इंटरनेट से जुड़ते हैं हमारी सूचनायें या हमारे बारे मे जानकारियां बड़ी तेजी से सार्वजनिक होती हैं। ऐसे मे किसी अंजानी वेबसाइट या लिंक पर क्लिक करना हमे क्षति पहुंचा सकता है। साइबर जागरूकता का मतलब इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करना है। उन्होने छात्राओं से अपने थाने का नम्बर हमेशा याद रखने को कहा जिससे समय से पुलिस की मदद ली जा लेकर बड़ी घटनाओं को टाला जा सके।
महाविद्यालय की डायरेक्टर डा. नीलम मौर्य ने साइबर सुरक्षा को संवेदनशील बताते हुये छात्राओं से सतर्कता बरतने को कहा। अंत मे प्राचार्य डा. अनीता मौर्य ने सभी के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन डा. ज्योति पाल ने किया। प्रबंधक डा. अनिल कुमार मौर्य, सरोज मौर्य, सुनील कुमार गौतम, श्रीमती श्रंखला पाल, श्रीमती शिखा पाण्डेय, अनुप्रिया मिश्रा, हिना खान, सुनील कुशवाहा, बीपी यादव, कृष्णमोहन, अखण्ड प्रताप पाल, डाली सिंह, राजीव कुमार आदि का योगदान रहा।