बस्ती। अगर किसी के पति ने सूदखोरों के उत्पीड़न से तंग आकर आत्महत्या कर लेता और पत्नी अपने पति हरेन्द्र सिंह का ब्रम्हभोज भी नहीं करा पाती, और सूदखोर ब्रम्हभोज नहीं होने दे रहे हैं, तो एक विधवा के लिए पति के चले जाने से भी बड़ा दर्द होगा। अगर पत्नी को पति का ब्रम्हभोज करने के लिए डीआईजी के पास जाना पड़ रहा है, तो इसका मतलब सूदखोर के साथ-साथ कोतवाली पुलिस भी असंवेदनषील हो गई, पुलिस अगर एफआईआर के बाद सूदखोरों को गिरफतार कर लेती तो कम से कम पत्नी अपने पति का ब्रम्हभोज तोशांति से कर पाती। बताते चले कि सूदखोरों के चंगुल में फंसकर कोतवाली थाना क्षेत्र के पोखरभिटवा निवासी हरेन्द्र सिंह ने मजबूरन आत्महत्या कर लिया। उसकी पत्नी शोभना सिंह की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज किया किन्तु कोई कार्रवाई न किये जाने से दबंग सूदखोरों का मनोबल इतना बढ गया है कि शोभना के पति हरेन्द्र सिंह का ब्रम्हभोज तक नहीं होने दे रहे हैं। शोभना सिंह ने डीआईजी को पत्र देकर कहा है कि गांव के ही सूदखोर श्याम बहादुर सिंह व राघवेन्द्र सिंह उर्फ पप्पू सिंह पुत्रगण जय प्रकाश सिंह के विरूद्ध पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं किया, इससे उनका मनोबल बढ गया है और वे पति हरेन्द्र सिंह का ब्रम्हभोज तक नहीं होने दे रहे हैं। शोभना सिंह पर मुकदमा वापस लेने के लिए और सुलह करने के लिए विभिन्न प्रकार के प्रलोभन तथा नाजायज दबाव बना रहे है न मानने पर उसेे व परिजनांे को जान माल की धमकी दे रहे है। उसके घर का रास्ता बन्द कर दिया है और शोभना के घर जो भी लोग काम करने वाले साफ सफाई करने वाले व कंहार को भी धमकी दे रहे है कि उसके घर जाओगें तो अन्जाम बहुत बुरा होगा । दबंग सूदखोर इतने ताकतवर हैं कि मुल्जिमानो के विरूद्ध कोई गवाही देने को तैयार नही है। शोभना सिंह ने डीआईजी को पत्र देकर दोशियों की गिरफ्तारी और पति का ब्रम्हभोज सम्पन्न कराने के लिये पुलिस की व्यवस्था कराये जाने की मांग किया है।