बस्ती। भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ निरंतर हमला बोलने वाले भाकियू भदोरिया गुट में मंडल अध्यक्ष उमेश गोस्वामी से टकराने वाले कुदरहा, पिपरपाती, एवं गायघाट के सचिव राजकुमार पाल को सस्पेंड कर दिया गया। असकी जानकारी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता ने उमेश गोस्वामी को दी। यह वही सचिव हैं, जिन्हें जिला कृषि अधिकारी ने जान से मारने या सादे पेपर पर हस्ताक्षर करा लाने की सुपारी दी थी। उमेश गोस्वामी को सचिव तो नहीं मार पाए और न हस्ताक्षर ही करा पाए, लेकिन खुद सस्पेंड अवष्य हो गए। इसी लिए कहा जाता है, कि उमेश से मत टकराना नहीं तो चकनाचूर हो जाओगें। यह सही है, कि जिस व्यक्ति के भीतर से ड रनाम की चीज निकल जाए, वह दुनिया का सबसे मजबूत आदमी होता है, डर हि इंसान को कमजोर और डरपोक बना देती है। ठीक उसी तरह डरपोक बना देती है, जिस तरह एक बालक को डरपोक बना दिया जाता है, डरपोक बालक पूरी जिंदगी डरपोक ही रह जाता है।

उमेश गोस्वामी ने बताया कि कुदरहा, पिपरपाती, एवं गायघाट के सचिव राजकुमार पाल को सस्पेंड कर दिया गया है। वर्तमान समय में कुदरहा और पिपरपाती समिति का चार्ज चरकैला के सचिव को दिया गया है जबकि गायघाट समिति का चार्ज किसी अन्य समिति के सचिव को दिया गया है। यह कार्यवाई ओवर रेटिंग और ब्लैक मार्केटिंग के चलते किया गया है। भारतीय किसान यूनियन भदौरिया के मण्डल अध्यक्ष उमेश गोस्वामी ने आरोप लगाया था कि कुदरहा पिपरपाती एवं गायघाट के सचिव राजकुमार पाल 266.50 का यूरिया 300 से 320 में और 1350 का डीएपी  1400 से 1450 में दिया जा रहा गोस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि समिति के सचिव राजकुमार पाल प्राइवेट खाद विक्रेता सजन खाद भंडार को सरकारी खाद देकर ब्लैक बेचवाते हैं इसपर अभीतक कोई कार्यवाई नहीं किया गया क्योंकि इसमें डीओ बस्ती सीधे सुविधा शुल्क लेते तभी उन्होंने आवेदक की हत्या तक करवाने का प्रयास किया।