हे, ‘दरोगाजी’, मारिए ‘बेईमानों’ के ‘पिछवाड़े’ दो ‘लाडी’, देखिए ‘खरीद’ कैसे ‘करते’!
बनकटी/बस्ती। जब पैसा लेकर सेंटर बनाएगें और प्रति क्विंटल 30 से 100 रुपया पीसीएफ के डीएस धान खरीद में लेगें तो सचिव फर्जीवाड़ा करेगा ही, और अगर सजनाखोर सेंटर पर राम शरन जैसे भ्रष्ट सचिव रहेगें तो कहना ही क्या? इनके रहने का ही कमाल है, कि इन्होंने नौ किसानों से 1600 क्ंिवटल धान खरीद डाला, जबकि इस इलाके में दो सौ क्विटल कौन कहे, 100 क्ंिवटल बेचने वाला किसान ही नहीं। धरने पर बैठे किसानों का कहना है, कि जब तक इस समिति में राम षरन सचिव रहेगा, असली किसानों का धान नहीं बिकेगा। फर्जी धान खरीदने और असली किसानों का धान न खरीदने को लेकर क्षेत्र के किसानों ने सड़क किनारे धान से लदे टाली लगाकर विरोध जताया। पीसीएफ के डीएस और नायब तहसीलदार को किसानों को मनाने के लिए धरना स्थल पर आना पड़ा। किसानों ने मंच से कहा कि हे, दरोगाजी, जितने चोर हैं, सबको थाने ले चलिए और पिछवाड़े लगाइए दो डंडा, देखिए कल से धान बिकने लगेगा। कहा कि यह सचिव बातों के नहीं बल्कि लातों के भूत है।
राजकीय पशु चिकित्सालय के सामने बने चबूतरे पर भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष घनश्याम चौधरी के नेतृत्व में किसानों के उत्पीड़न को लेकर सोमवार को विशाल जनसभा आयोजित कर डीएम को ज्ञापन सौंपा। किसानों का आरोप है कि किसान एक नवंबर से ऑनलाइन कराकर अपने धान को ब्लॉक के क्रय केन्दो पर बेचना चाहते हैं, खरीददारी न होने की वजह से किसानों को एमएसपी का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मजबूरी में किसान 16-18 सौ रुपए प्रति कुंतल बेच रहें हैं। ऐसी दशा में किसानों का लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा है। शासन की मनसा अनुसार किसानों से धान क्रय केंद्र पर खरीदारी नहीं हो रही है। ऑनलाइन होने के बावजूद सचिव किसानों से धान न खरीद करके बनियों द्वारा मिली भगत से खरीदारी पूरी कर ले रहे हैं। किसानों का हक मार रहे हैं, ऐसी दशा में किसान मजबूर होकर आंदोलन के लिए बाध्य है। आक्रोश और ना बढ़े इसके लिए किसानों ने निम्नलिखित मांगों का निस्तारण कराने के लिए नायब तहसीलदार कमलेन्द्र सिंह को ज्ञापन सौंपा। ऑनलाइन पंजीकरण होते ही उनके क्रय केंद्र का नाम व दिनांक बताते हुए धन खरीददारी सत्यापित किया जाए तथा खरीदारी सुनिश्चित की जाए धान खरीद पर्याप्त समय से न करने की वजह से एक मुफ्त विद्युत बिल समाधान योजना का लाभ किसान नहीं ले पा रहे हैं। अतः विद्युत समाधान योजना 25ः मूलधन में छूट मार्च 2026 तक किया जाए गन्ने की घटतौली समाप्त करवाते हुए उतरवायी के नाम पर किसानों से की जा रही लूटपाट तत्काल बंद कराया जाए। गेहूं की सिंचाई को देखते हुए किसानों को यूरिया कंट्रोल रेट पर सरकार या प्राइवेट दुकान पर उपलब्ध कराई जाय। किसानों का आनलाइन पंजीकरण होते ही उनके क्रय केन्द्र का नाम, वह दिनांक बताते हुए धन खरीददारी सत्यापित किया जाए तथा खरीदारी सुनिश्चित करायी जाय। धान खरीद पर्याप्त समय न करने के वजह से किसान एक मुस्त विद्युत बिल समाधान योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। विद्युत समाधान योजना 25 फीसद मूल धन में छूट मार्च 26 तक किया जाय। इस मौके पर मारतेंद्र प्रताप सिंह मंडल अध्यक्ष , जटाशंकर पांडे जिला अध्यक्ष, कृष्ण चंद्र चौधरी मंडल उपाध्यक्ष, फूलचंद चौधरी तहसील अध्यक्ष बस्ती सदर हृदयराम यादव, घनश्याम चौधरी, रामकेश चौधरी, बलीराम चौधरी, दिनेश कुमार चौधरी, दान बहादुर चौधरी, परमात्मा प्रसाद, राम जोखन, रमेश चंद्र यादव के साथ सैकड़ों किसान मौजूद रहे। सचिव रामसरन ने कहा नौ किसानों से 1600 सौ कुंटल धान की खरीददारी की जा चुकी है जो नामुमकिन लगता है। जिला प्रबंधक पीसीएस कैलाश कुशवाहा ने कहा की हर क्रय केंद्र पर कल से 200 कुंटल धान की खरीदारी प्रतिदिन की जाएगी। जिस पर किसानों ने सहमति जताते हुए धरना समाप्त हुआ।
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