बस्ती। ऐसा लगता है, कि मानो हर्रैया के गांजा तस्कर भाजपा जिलाध्यक्ष की छवि को धूमिल करके ही दम लेगें, जिस तरह इससे पहले मनोनीत सभासद एवं गांजा तस्कर दीपक चौहान के चलते भाजपा जिलाध्यक्ष की छवि खराब हुई, उससे अभी उबर नहीं पाए थे, कि पुलिस ने उस गांजा तस्कार को भी गिरफतार कर लिया, जो दीपक चौहान के साथ जिलाध्यक्ष को माला पहनाने गया था। इसका नाम नितेष साहू उर्फ रोहित है। इसे पुलिस ने 980 ग्राम गांजा के साथ गिरफतार किया। इसकी गिरफतारी आधी रात मुर्दहवा पुल के पास से चेकिंग के दौरान हुई। यह ग्राम मिर्जापुर का निवासी है। तलाशी में इसके पास से 980 ग्राम अवैध गांजा और बिना नंबर बुलेट बाइक बरामद। पुलिस को लंबे समय से मादक पदार्थ तस्करी की  शिकायते मिल रही थीं। गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध पहले से ही आधा दर्जन मुकदमे हैं दर्ज। गुंडा एक्ट में भी हो चुकी कार्रवाई, फिर भी नहीं सुधरा गिरफ्तार आरोपी। अगर ऐसा व्यक्ति जिसके उपर आधा दर्जन से अधिक मुकदमें हो, और जो गांजा तस्करी में लिप्त हो अगर वह गांजा तस्कर मनोनीत सभासद के साथ जाकर जिलाध्यक्ष के माला फोटो सेषन में अध्यक्षजी के पास खड़ा रहता है, तो सवाल उठेगा ही। यह सही है, कि जिन अपराधियों और गांजा एवं स्मैक तस्करों का फोटो अध्यक्षजी के साथ होता है, कोई जरुरी नहीं कि अध्यक्षजी उसे जानते ही हो। लेकिन यह भी सही है, कि अगर किसी गांजा और स्मैक तस्कर सभासद मनोनीत होता तो सबसे अधिक सवाल भाजपा अध्यक्ष पर ही उठेगें। यह भी सही है, कि अगर भाजपा नेताओं को अपनी और पार्टी की छवि की इतनी ही चिंता होती तो गांजा एवं स्मैक तस्कर को सभासद मनोनीत करने से पहले छानबीन करते। यह जिलाध्यक्ष और कोर कमेटी के लोगों की जिम्मेदारी है, कि उनकी पार्टी में ऐसे लोग मनोनीत न हो, जिनसे पार्टी की छवि खराब होने की संभावना हो। बहरहाल, अगर इसके बाद भाजपा के लोगों की आखें खुल जाए तो अच्छा होगा, वरना पार्टी के लिए वैसे भी 2027 कठिन होने वाला है।