एक फिर भ्रष्टाचार में डूबकी लगाते मिला कुदरहा
बस्ती। एक बार फिर भ्रष्टाचार मे डूबकी लगाता हुआ तैर रहा कुदरहा ब्लॉक। वैसे इस ब्लॉक के बारे में मीडिया पिछले चार सालों से लिखती आ रही है, इस बीच एक साल में लगभग दस बीडीओ बदल गए, लेकिन इस ब्लॉक के अधिकारी और कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार में डुबकी लगाना बंद नहीं किया। अब तो इस ब्लॉक के भ्रष्टाचार की शिकायत भाजपा के लोग करने लगे है, जबकि इस ब्लॉक के प्रमुख भाजपा के है। जब अपनी पार्टी के लोग विरोध करने लगे तो समझ लेना चाहिए कि मामला गड़बड़ हैं, और समझदारी इसी में हैं, कि समय रहते गड़बड़ी को दूर कर लिया जाए। चूंकि अभी तक किसी भी बीडीओ ने गड़बड़ी को दूर नहीं किया, बल्कि गड़बड़ी को आगे बढ़ाया। जब भी किसी ब्लॉक के कामकाज की शिकायत होती हैं, तो उस ब्लॉक के मुखिया पर भी अगुंली उठती है। कहने का मतलब बीडीओ और अन्य कर्मचारी तो आते जाते रहते हैं, लेकिन एक प्रमुख को पांच साल तक उसी ब्लॉक में रहना होता, जिस ब्लॉक में उसने प्रमुख के रुप में ब्लॉक को आगे बढ़ाने और उसे भ्रष्टारमुक्त करने की कसम खाई। इसे कुदरहा ब्लॉक के लोगों का दुभार्ग्य कहा जाए या फिर प्रमुख के कसम को झूठा कहा जाए। क्षेत्र के लोगों का कहना और मानना हैं, कि जिस हालत में प्रमुख को यह ब्लॉक मिला था, उसी हालत में आज भी हैं, कम अधिक हो सकता है। लेकिन बदलाव की बहार कम बही।
भाजयुवा मोर्चा के महादेवा विधानसभा संयोजक नितेश त्रिपाठी ने सीडीओ को पत्र लिखकर ब्लॉक के एनआरपी/एकाउंटेड दीपक श्रीवास्तव और बीडीओ के कामकाज को लेकर सवाल उठाते हुए जांच कराने की मांग की है। कहा कि एनआरपी भ्रष्टाचार में डुबे हुए है। सवाल के लहजे में कहा कि क्या कोई एनआरपी एक ही ब्लाक में सात साल तक तैनात रह सकता है। कहा कि यह पिछले कई सालों से इस ब्लॉक में जमे हुए है, सरकारी धन का बन्दरबाँट कर रहे है। भाजपा नेता ने बीडीओ कुदरहा के ऊपर धन उगाही एव बन्दरबाँट का आरोप लगाकर सबको चौका दिया। पहली बार किसी भाजपा नेता ने बीडीओ कुदरहा पर सीधा हमला बोला है। कहा कि यह सरकार की छवि धूमिल कर रहे है। बहरहाल, भाजपा नेता का भाजपा के ब्लॉक पर हमला बोलना चर्चा का विषय बना हुआ हैं।
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