भाजपा पांच साल रह सकती है।


उनके पास पैसों की कमी नहीं है और आज पैसा ही बलवान है..साथ में ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स जैसी मारक मिसाइलें हैं......सच तो यह है कि भाजपा पर व्यंग्य भले ही कर लें लेकिन देर-सबेर नायडू और नीतीश को छोड़ सारे के सारे इनके सांसद भाजपा में ही समां जायेंगे...ये दोनों फिर तन्हा रह जायेंगे......अगर "ये दोनों" भागे भी, तो भी जिन ममता और समता को आप जानते हैं वो सत्ता के साथ हो जायेंगे....चर्चा अंदर खाने यह भी है कि भाजपा उद्धव ठाकरे से लगातार संपर्क कर रही है...भाजपा में वह शक्ति निहित है कि वह उद्धव ठाकरे को असली पार्टी चिन्ह फिर लौटा दे और सब कुछ जादू जैसा पहले जैसा हो जाए... उद्धव ठाकरे फिर से मुख्यमंत्री हो जाएं.....

आपको रॉबर्ट क्लाइव याद है न...!!!! अंग्रेज़ ईस्ट इण्डिया कम्पनी द्वारा भारत में नियुक्त होने वाला प्रथम गवर्नर था। कम्पनी ने उसे सन 1757 में बंगाल का गवर्नर नियुक्त करके भारत भेजा था। रॉबर्ट क्लाइब को भारत में अंग्रेज़ी शासन का संस्थापक माना जाता है। पहली बार वह सन 1757-1760 और फिर दूसरी बार सन 1765-1767 तक बंगाल का गवर्नर रहा।...

मोदी और शाह की जोड़ी उसी रॉबर्ट क्लाइव का संयुक्त रूप हैं। इन दोनों को सत्ता बैसाखियों पर चलाने की आदत नहीं है.... राजनैतिक व्यंग्य,‌ हंसी-मजाक, मीम्स, कार्टून बाजी ये तो सतत रूप से जारी ही रहेगी.... मेरा अपना यह निजी आंकलन है कि (मोदी की पार्टी यानी) भाजपा "धनाढ्य भंवर" है इसमें खतरनाक शातिराना लहरें हैं यह सबको खींचकर अपने में समाहित कर लेगी....वक्त की कोख में अभी बहुत कुछ छिपा है.....यह मेरा निजी आंकलन है....हो सकता है मैं ग़लत भी साबित हो जाऊं....✍🏻🤔"