गढ़मुक्तेश्वर: नगर पालिका सीमा में 15 वर्षों  से स्थापित लगे बिना मानकों के स्थापित अवैध टोल के जांच की मांग पर जिलाधिकारी हापुड़ के निर्देश पर पांच सदस्य जिला मजिस्ट्रियल समिति तो बना दी गई परंतु 15 दिन में जांच के आदेश देने  के उपरांत भी जांच रिपोर्ट तैयार नहीं की गई जिसको लेकर समाजसेवी पंकज लोधी द्वारा हापुड़ एडीएम संदीप कुमार के माध्यम से जिलाधिकारी हापुड़ को 72 घंटे के भीतर जांच समिति से गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका सीमा में टोल स्थापना का अप्रूवल दिखाए जाने सहित पांच बिंदुओं पर जांच की प्रमाणित कॉपी उपलब्ध कराई जाने का मांग पत्र सोप कर मांग की की 72 घंटे में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती तो विवश होकर मंडल आयुक्त प्रमुख सचिव गृह उत्तर प्रदेश शासन लोकायुक्त राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा माननीय उच्च न्यायालय सहित सक्षम न्यायिक एवं प्रशासनिक मंचों पर जाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी जहां सर्व ज्ञात है कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा आरटीआई में नगर पालिका सीमा से 3 पॉइंट 9 किलोमीटर की दूरी पर टोल की स्थापना की मंजूरी है एवं गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका द्वारा गंगा जी का आधा पुल नगर पालिका सीमा मैं है एवं छजारसी  टोल प्लाजा से एन एच 09  पर अगला टोल प्लाजा 59 किलोमीटर की दूरी पर स्थापित है जबकि भौतिकता में 51 किलोमीटर पर टोल लगाया गया है एवं भारत के राजपत्र के दस्तावेजों में गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका सीमा के बृजघाट उप कार्यालय को गांव दिखाकर इतना बड़ा तथ्य छुपा कर टोल प्लाजा  की स्थापना के भ्रष्टाचार को  दबाये जाने का प्रयास किया जा रहा है स्वतंत्र जांच का विषय है इस मौके पर उमेश लोधी एडवोकेट बबलू सहगल रविंद्र प्रकाश एडवोकेट कपिल कुमार एडवोकेट पुष्पेंद्र सिंह अतुल कुमार इत्यादि रहे