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हम सबका एक ही नारा, कोई पशु ना हो बीमार हमारा । आओ मिलकर टीका पशुओं को लगवायें, लम्पी स्किन डिजीज से इन्हे बचाएं। हापुड़हापुड़ लम्पी स्किन डिजीज एक विषाणुजनित रोग है जो अधिकांश गोवंशीय पशुओं मे पाया जाता है। इस रोग से प्रभावित गोवंश में तेज बुखार, आंख व नाक से पानी गिरना, पैरो में सूजन, पूरे शरीर मे कठोर एवं चपटी गांठ आदि प्रकार के लक्षण...
एनडीआरएफ द्वारा जनपद में फैमेक्स कार्यक्रम का आगाज किया गया हापुड़/उत्तर प्रदेश हापुड़ के एस.एस.वी. डिग्री कॉलेज में एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीम द्वारा आपदाओं से बचाव एवं जनजागरूकता अभियान संचालित किया गया। इस अवसर पर 08वीं वाहिनी एनडीआरएफ गाजियाबाद की टीम ने प्राकृतिक, रासायनिक, जैविक, नाभिकीय एवं मानव निर्मित आपदाओं...
मोनाड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड बिजनेस स्टडीज में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन मोनाड विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड बिजनेस स्टडीज में आज रचनात्मकता, नवाचार और प्रबंधन दृष्टि का अनूठा संगम देखने को मिला। मैनेजमेंट थरू आर्ट विषय पर आयोजित पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता ने छात्रों को प्रबंधन अवधारणाओं को कलात्मक रूप मे...
रेवड़ी संस्कृति लोकतंत्र के लिए खतराचुनावों में रेवड़ी संस्कृति' या मुफ्त योजनाओं का चुनावी प्रस्ताव भारतीय राजनीति में एक प्रमुख और बढ़ता हुआ चलन बन गया है। यह प्रव्रति अब केवल एक विशेष दल या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि देशव्यापी हो चुकी है, जिसके आर्थिक, सामाजिक और लोकतांत्रिक प्रभाव देखने को मिल रहे है। रेवड़ी संस्कृति से तात्पर्य चुना...
‘जेवर’ की ‘शौकीन’ महिलाएं ‘आटो’ वालों से रहें ‘सावधान’, नहीं तो पड़ेगा ‘रोना’बस्ती। जो महिलाएं असली जेवर पहनकर मार्केट करने या फिर किसी समारोह में जाना चाहती है, उन्हें सलाह दी जाती है, कि वह उन आटो वालों से बचकर रहें, जो रास्ते में लड़कियों और महिलाओं को बैठाते हैं, नहीं तो सत्यभामा पांडेय जैसी महिलाओं की तरह रोना पड़ेगा। जिले में यह अपने आप में पहली...
‘हरि’ ओम ‘ढ़ाबा’ में ‘खाना’ भी ‘खाया’, ‘पैसा’ भी नहीं ‘दिया’, धुनाई भी ‘किया’!बस्ती। हरि ओम ढ़ाबा में मारपीट की यह पहली ऐसी घटना नहीं हैं, इससे पहले न जाने कितनी बार मारपीट की घटनाएं हो चुकी, अधिकतर मारपीट की घटनाएं रात्रि 10 से 12 बजे की बीच तब होती है, जब लोग नषे में धुत रहते है। देखा जाए तो सबसे अधिक मारपीट की घटनांए स्थानीय नौजवानों के बीच होती ह...
‘खरीफ’ में भी ‘खाद’ की ‘कालाबाजारी’ का ‘ज्ञापन’ दिया, ‘रबी’ में भी ‘दिया’!-मैडम, ‘टिकरिया’ बनकटी ‘समिति’ के ‘सचिव’ कर रहें ‘खाद’ की ‘कालाबाजारी’, एक-एक किसानों से प्रति बोरी 20 से 50 रुपया खुले आम अधिक लें रहें हैं, पूछने पर कहते हैं, कि एआर से कमीशन लेना बंद करवा दीजिए, हम भी अधिक नहीं लेंगेबस्ती। किसानों से जुड़े संगठन बराबर प्रशासन को खाद और बीज...
‘डीओ’ कार्यालय को ‘साहब’ नहीं, दागी पटल ‘सहायक’ चला ‘रहें’!-‘कुदरहा’ के ‘दुकानदार’ को ‘पता’ ही ‘नहीं’, आंवटित हो गया ‘छह’ हजार बोरी ‘खाद’जिला कृषि अधिकारी और पटल सहायक ने मिलकर पहले 35 रुपया प्रति बोरी दर से छह हजार बोरी खाद को ब्लैक किया, फिर उसी खाद को कागजों में कुदरहा के रिटेलर्स के नाम आंवटित कर दिया, ताकि एडजस्ट किया जा सके-इंडो रामा कंपनी की...
‘एसआईआर’ ने ‘दो लाख’ फर्जी ‘वोटर्स’ को किया ‘बाहर’!-बीएलओ, सुपरवाइजर और अधिकारियों की रात दिन की मेहनत रंग लाई, पहली बार मतदाता पुनरीक्षण अभियान में इतनी बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता बाहर हुए, पूरे प्रदेश में लगभग डेढ़ करोड़ से अधिक फर्जी मतदाता, 99 फीसद मतदाताओं की फीडिगं भी हो चुका-जो लोग एसआईआर पर सवाल उठा रहे थे, उन्हें एसआईआर में लगे लोगों ने जबा...
‘सचिवों’ ने भी ‘आनलाइन’ हाजीरी का किया ‘विरोध’बस्ती। जिस तरह बेसिक के षिक्षकों ने आनलाइन हाजीरी का विरोध किया था, और जिसमें वे सफल रहें, ठीक उसी तरह ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति की ओर से भी विरोध किया जा रहा, आंदोलन तक हो रहा। कप्तानगंज ब्लॉकं पर ग्राम सचिवों ने काली पट्टी बांधकर काम किया और दोपहर में कुछ समय के लिए सांके...