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राज्य
मत करिए, ‘रेडक्रास सोसायटी’ को ‘प्राइवेट कंपनी’ की तरह ‘चलाने’ का ‘प्रयास’!बस्ती। अगर समाज सेवा के क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी संस्था रेडक्रास सोसायटी का सभापति कार्यकारिणी की बैठक तक न करवा सके, तो ऐसे सभापति को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, ताकि संस्था की छवि खराब न हों। जिस तरह चंद लोगों के चलते रेडक्रास सोसायटी की छवि खराब हो रही है, उसस...
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सदस्य ‘चाय-समोसा’ खाते ‘रहें’ और बीडीए ‘लुटता’ ‘रहा’-सदस्यों को ‘चाय समोसा’ में फंसाकर, पंकज पांडेय एंड टीम ने 20 अवैध कालोनियों के मानचित्र को स्वीकृति कर कालोनाइजर्स से कमाया करोड़ों-अवैध कालोनियों का मैपिंग के नाम पर बीडीए ने रिमोट सेंसिगं एप्लीकेशन संेटर को किया सात लाख का भुगतान, सर्वे में निकला 37 अवैध कालोनी, 17 कालोनी को अवैध दिखाया और 20 अव...
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‘सरकार’ और ‘अधिकारियों’ के बीच ‘समन्यव’ रहना ‘चाहिए’ यशकांत सिंहबस्ती। जिलाधिकारी कार्यालय बस्ती में भारतीय जनता पार्टी बस्ती का एक प्रतिनिधिमंडल डीएम कृतिका ज्योत्सना से शिष्टाचार भेंट कर जिले से जुड़े विभिन्न समसामयिक, जनहित एवं कानून-व्यवस्था से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने आमजन से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए...
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‘धौरहवा’ के ‘सौरभ सिंह’ बने ‘गांव’ के ‘आईडिएल’बस्ती। कौन कहता, गांव की मिटटी में पले पढ़े लोग आसमान को नहीं छू सकते। कहतें हैं कि मेहनत करने वालों की सफलता कदम चूमती हैं। जरूरत संसाधनों की नहीं दृढ़ ईच्छा शक्ति की होती है। अगर ऐसा नहीं होता तो बहादुरपुर ब्लाक धौरहरा गांव के सौरभ सिंह गांव वालों के रोल माडल नहीं बनते। इन्होंने अपने को इतना तैयार और मज...
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अपनी ‘आदतों’ से ‘बाज’ नहीं आ ‘रहे’ं, ‘सिंकदरपुर’ के ‘चौकी इंचार्ज’!बस्ती। चौकी इंचार्ज साहब लोग अपने घर की महिलाओं की तो खूब इज्जत करते, लेकिन न जाने क्यों अन्य महिलाओं की इज्जत नहीं करते? शायद ऐसे चौकी इंचार्ज साहब लोगों को यह नहीं मालूम कि घर की महिलाओं की इज्जत करना कोई नहीं देखता, लेकिन अगर अन्य महिलाओं को अपमानित करेगें तो उसे पूरा समाज देखेगा...
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हे, ‘भगवान’ अगले ‘जन्म’ में मोहे ‘शिक्षक’ न ‘बनाना’बस्ती। अगर कोई शिक्षक यह भगवान से प्रार्थना करें, कि उसेे अगले जन्म में चपरासी बना देना लेकिन शिक्षक न बनाना। तो शिक्षकों का दर्द समझा जा सकता है। शिक्षकों ने इस शिक्षक को बच्चों को पढ़ाकर योग्य बनाना था, उसे बच्चों के लिए भोजन की व्यवस्था करना और वोटर्स को तलाशना पड़ रहा है। जो काम कोई नहीं कर सकता,...
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‘लेखपाल’ अब ‘फीता’ नहीं ‘मशीन’ लेकर ‘जाएगें’!बस्ती। योगीजी ने एक ऐसा एतिहासिक निर्णय लिया है, जिसका इंतजार कई दषकों से काष्तकार और भू स्वामी कर रहे थे। इस एतिहासिक निर्णय से लेखपालों की मनमानी और उनके द्वारा जमीनों की पैमाईश में की जा रही धांधली तो समाप्त होगी ही, अलबत्ता जिस पैमाईश के लिए काष्तकार तहसीलों और लेखपालों का महीनों चक्कर लगाते थे, अब प...
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‘गुरुजी’ पढ़ाना ‘छोड़िए’, ‘जाइए’ कुत्ता ‘पकड़िए’बस्ती। जिले के हजारों गुरुजी के लिए खुश करने वाली खबर कहें या अपमानित होने वाली। अब उन्हें बच्चों को पढ़ाना नहीं पड़ेगा, बल्कि कुत्ता पकड़ना होगा। गुरुजी बच्चों को पढ़ाने के बजाए अब कुत्ता पकड़ेगें। यह हम नहीं बल्कि सरकार कह रही है। अगर नहीं पकड़े तो निलंबन तक की कार्रवाई हो सकती है। सवाल उठ रहा है, बच्चों को...
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‘पत्रकारों’ से जुड़ी ‘समस्याओं’ को लेकर ‘ग्रापए’ निरंतर ‘मुखर’ रहाःश्री तिवारीबस्ती। ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के संस्थापक बाबू बालेश्वर लाल की जयंती गुरुवार को टाटा मोटर्स के गोटवा के सभागार में मनाई गई। संस्थापक के जीवन और संगठन को लेकर किए गए संघर्ष को याद किया गया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि संगठन के प्रदेश महामंत्री डॉ संजय द्विवेदी रहे। अध्यक्षता जि...
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‘जाते-जाते’ तुमने कैसा ‘देश’ का हाल ‘बनाया’बस्ती। कवि साहित्यकार और डाक्टर वीके वर्मा ने बीते साल की बिदाई और नए साल का आगमन पर कविता के जरिए संदेष दिया है। जब जाना तय है तो जाओ, पर जाते क्षण भी हरशाओ, एक साल में जाना ही था, मत आँखों में आँसू लाओ। कभी हँसाया कभी रुलाया। अपना हर जलवा दिखलाया, लेकिन जाते-जाते तुमने कैसा देश का हाल बनाया। सन् पच्चीस क...