बस्ती। थाना कप्तानगंज क्षेत्र में एक मासूम बच्ची के साथ छह दरिंदों पर गैंग रेप का मुकदमा दर्ज हुआ। यह मुकदमा घटना के एक साल बाद दर्ज हुआ, क्यों एक साल बाद पुलिस ने दर्ज किया, इसका जबाव किसी के पास नहीं है। अगर न्यायालय मूुकदमा दर्ज करने का आदेश नहीं देता तो पुलिस बीस साल बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं करती। सवाल उठ रहा है, कि अगर इतने घिनौने कांड में पुलिस अगर मुकदमा दर्ज नहीं करेगी तो बलात्कारियों का मनोबल तो बढ़ेगा। जो गिरफतारी एक साल पहले हो जानी चाहिए थी, उसे अब पुलिस को करनी पड़ेगी। पुलिस को इस तरह के मामले में पीड़िता का साथ देना चाहिए, न कि आरोपियों का है। दिल सोचकर कांप उठता है, कि एक मासूम बच्ची के साथ एक नहीं दो नहीं, बल्कि छह-छह लोगों ने रेप किया। लिखाई गई रिपोर्ट में कहा गया कि उसकी लड़की स्कूल से घर आ रही थी। तभी  अश्वनी कुमार उर्फ साजन पुत्र साजन निवासी ग्राम कटरा खुर्द, अक्षय कुमार पुत्र सन्तराम, पवन कुमार पुत्र जैशराम, सन्तराम पुत्र पाचू, जैशराम पुत्र पाचूं निवासीगण ग्राम (बेलनपुर ) कटरा खुर्द थाना कप्तानगंज ने मेरी लड़की का हाथ अश्वनी उर्फ साजन पकड़कर खींचते हुए सड़क के पास नीचे ले गये तथा तीनों अज्ञात उसका मुँह दबाकर कपड़ा फाड़कर निकाल दिये और उसके प्राइवेट पार्ट पर हाथ चलाते हुए जमीन पर पटककर बलात्कार चारों लोग बारी-बारी से किये। शिकायत करने पर चाकू से हम लोग को मारने पीटने लगे मेरे भाई के हाथ में चाकू लगा, जिससे घायल हो गये। उक्त सभी भाई लोग मेरी लड़की पीड़िता को मेरे पिता राम अवध के घर से घसीटकर सभी लोग लाने लगे कहे कि अश्वनी इसे रखेल बना‌कर रखेगा।