बस्ती। भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर सम्मान अभियान के अंतर्गत गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी द्वारा सदर विधानसभा के गणेशपुर नगर पंचायत स्थित मंझरिया में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विवेकानन्द मिश्र उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में रमेश चक्रवर्ती शामिल हुए। कार्यक्रम का संयोजन चंद्र शेखर ‘मुन्ना’ ने किया तथा संगोष्ठी की अध्यक्षता पूर्व विधायक दयाराम चौधरी ने की।
मुख्य अतिथि विवेकानन्द मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. अंबेडकर के विचार भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि केवल संविधान का निर्माण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज में “संवैधानिक नैतिकता” का होना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने राजनीतिक लोकतंत्र के साथ-साथ सामाजिक एवं आर्थिक लोकतंत्र की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर ही राष्ट्र सशक्त और समावेशी बन सकता है। विशिष्ट अतिथि रमेश चक्रवर्ती ने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा को समाज परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना। उन्होंने दलितों और पिछड़े वर्गों के लिए उच्च शिक्षा एवं बौद्धिक विकास पर विशेष जोर दिया, जिससे वे समाज और शासन व्यवस्था में अपनी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित कर सकें। अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधायक दयाराम चौधरी ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचार आज भी भारतीय समाज, राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए प्रेरणादायक हैं। उन्होंने कहा कि जाति प्रथा समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है, जिसे समाप्त कर समानता और न्याय की स्थापना करना आवश्यक है। कार्यक्रम संयोजक चंद्र शेखर ‘मुन्ना’ ने कहा कि बाबा साहब ने दलितों को “मानवीय गरिमा” दिलाने के लिए अनेक संघर्ष किए और समाज में समानता, न्याय एवं मानवाधिकारों की स्थापना के लिए अपना जीवन समर्पित किया। कार्यक्रम में जिला मंत्री राजेंद्र राजभर, प्रभात गौतम, मण्डल अध्यक्ष शिव प्रसाद चौधरी, विशुद्धानंद, वेद प्रकाश, दिलीप भट्ट सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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