बनकटी/बस्ती।  विकासखंड बनकटी के गुमानारी एवं सिरौता ग्राम में पशुपालन विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के दौरान पशुधन प्रसार अधिकारी सुशील कुमार ने पशुपालकों को भीषण गर्मी एवं हीट वेव से पशुओं को बचाने के उपाय बताए। उन्होंने कहा कि इस समय पड़ रही प्रचंड गर्मी से मनुष्यों के साथ-साथ पशु-पक्षियों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में पशुओं की सुरक्षा एवं उचित देखभाल अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि पशुओं में तेज बुखार, मुंह खोलकर हांफना, मुंह से लार गिरना, भोजन कम करना, अधिक पानी पीना, पेशाब कम होना तथा सुस्ती जैसे लक्षण लू लगने के संकेत हो सकते हैं।

सुशील कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने की संभावना है। इसलिए पशुपालक पशुओं को छायादार एवं हवादार स्थान पर रखें। यदि पशुशाला की छत टीन की हो तो उसके नीचे पुआल, सरपत अथवा थर्माकोल लगाएं तथा टाट या जूट के बोरे लगाकर उन्हें समय-समय पर पानी से भिगोते रहें। पशुशाला में पंखा, कूलर अथवा पानी के फुहारे की व्यवस्था करना भी लाभकारी होगा।

उन्होंने पशुपालकों को सलाह दी कि पशुओं को दिन में चार से पांच बार स्वच्छ एवं ताजा पानी पिलाएं तथा सुबह-शाम नहलाएं। भैंसों के बैठने वाले स्थान पर कीचड़ की व्यवस्था करने से उन्हें गर्मी से राहत मिलती है। साथ ही पशुओं को चराने के लिए सुबह जल्दी या शाम को देर से छोड़ें तथा दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक धूप में न रखें।

इस दौरान पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. रविंद्र यादव ने बताया कि शादी-विवाह में बचा हुआ भोजन जैसे चावल, पूड़ी एवं सब्जी पशुओं को नहीं खिलाना चाहिए। इससे पशुओं के बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने हरे चारे को साफ पानी से धोकर खिलाने की भी सलाह दी।

अंत में पशुधन प्रसार अधिकारी ने आमजन से पशु-पक्षियों के लिए घरों एवं बाग-बगीचों में पानी रखने की अपील करते हुए कहा कि पशु-पक्षियों की सुरक्षा हम सभी की जिम्मेदारी है। स्वस्थ पशुधन से ही किसान समृद्ध होगा।