बस्ती। आप लोगों ने बहुत कम सुना होगा कि अगर सास गलत रास्ते पर चली है, तो उसकी बहु भी उसी रास्ते पर चल रही हैं, जिस रास्ते पर चलकर सास जेल की हवा खा चुकी है। बस अब बहु के जेल की हवा खाने की बारी हैं, क्यों कि दोनों का काम समाज ओैर नियम विरुद्व है। जिस चीज को सरकार ने बैन कर रखा है, अगर कोई उसे करता है, तो आज नहीं तो कल उसे जेल जाना ही होगा। एर्बासन और भ्रूण हत्या जैसा अपराध करके कोई बच नहीं सकता। कहना गलत नहीं होगा कि इसी सामाजिक अपराध की सजा सास और बहु दोनों भुगत रही है, एक का दुनिया से पति चला गया तो दूसरे का पति अपनी ही पत्नी को चरित्रहीन बता रहा है। इसी लिए कहा जाता है, कि सभी को अपने किए गए अपराध की सजा इसी दुनिया में रहकर मिलती है। बस समझने और एहसास करने वाली बात है। इसी लिए बड़े बुजुर्ग कह गए हैं, कि बुरे काम काम बुरा ही नतीजा होता है। गलत रास्ते पर चलकर कमाए गए पैसे से तो एशोआराम की जिंदगी गुजारी जा सकती है, लेकिन उस नींद का सुख नहीं मिलेगा जो एक मजदूर और रिक्षावान को मिलता है। एक चोर व्यक्ति चोर ही कहलाएगा कोई उसे ईमानदार नहीं कह सकता। इन सबसे अलग आज का व्यक्ति वही खोता जा रहा है, जो उसकी खुद की कमाई और बनाई गई दौलत हैं, यानि इंसान का चरित्र। यही एक ऐसी दौलत हैं, जिसे इंसान अपनी मेहनत और ईमानदारी से बनाता हैं, अगर यही दौलत नहीं रहेगी कि हराम की कमाई का क्या मोल, सास और बहु के मामले में समाज को बहुत बड़ा सबक मिला है, कि दुनिया में चरित्र और ईमानदारी से बढ़कर कोई दौलत नहीं हैं, यही दौलत सास और बहु के पास नहीं है। सास रेखा मिश्रा और बहु सोनी सिंह भले ही चाहें दोनों ने गलत रास्ते पर चलकर चाहें जितना दौलत कमाया हो, लेकिन यह दोनों आज इज्जत के लिए तरस रहे है। दोनों पैसों के लिए गलत रास्ता चुना। बहु के गलत रास्ते पर तो जाने की बात समझ में इस लिए आती है, क्यों कि अगर किसी महिला का जवान पति दुनिया में नहीं रहता तो उसका गलत रास्ते पर चलना लाजिमी होता है। लेकिन सास के तो पति हैं, उनका गलत रास्ते पर चलना समझ से परे है। कहा भी जाता है, अगर यह गलत रास्ते पर न चलती तो जेल न जाती और इनका पति इन्हें चरित्रहीन न कहते। रही बात बहु की तो इन्हें भी अपने चरित्र का ख्याल रखना चाहिए, अगर रखी होती तो आज उनकी सास यह न कहती है, कि वह किसी और के साथ गुलछर्रे उड़ा रही है। कहा भी जाता है, कि अगर कोई महिला/पुरुष अपनी सीमा को क्रास करता/करती है, तो फिर उन्हें बहुत कुछ सुनना और सहना पड़ेगा। इस मामले में सास और बहु दोनों ने अपनी सीमाओं से बाहर जाकर समाज को जो संदेश दिया है, उसका खामियाजा दोनों को और उनके परिवार को आज नहीं तो कल भुगतना ही पड़ेगा। अगर इस मामले में नेताजी ने समझदारी दिखाई होती तो आज यह स्थित न होती, लेकिन नेताजी अपने लाभ के चक्कर में पड़ गए, यही कारण है, कि उन पर भी पति और बहु ने गंभीर आरोप लगाया। अगर यह चाहते तो आरोपों से बच सकते थे, लेकिन जब इंसान अपना चरित्र खो देता है, तो उसे सही और गलत का एहसास ही नहीं होता। कहने का मतलब अगर सास ने बहु पर एर्बासन करवाने और किसी और के साथ संबध बनाने का आरोप लगाया तो बहु ने भी वही आरोप लगाया, जो सास ने बहु पर लगाया। सास और बहु के बीच में पति और ससुर पिसके रह जा रहें है। हालांकि बहु ने अपने ससुर पर कोई आरोप नहीं लगाया, लेकिन सास ने अपने पति पर अवष्य गंभीर आरोप लगाए। आप लोगों के जानकर यह हैरानी होगी कि यह आरोप और प्रत्यारोप चोरी छिपे नहीं लगाया गया, बल्कि डंके की चोट पर खुले आम लाइव होकर लगाया गया। इस आरोप को अगर सास और बहु चाहे भी उसे झूठा साबित नहीं कर सकती। समाज ने सास और बहु के साथ नेताजी का ऐसा घिनौना चेहरा देखा, जिसे एहसास करके ही डर लगता है। सास और बहु के चक्कर में छोटा बच्चा पोता पिस रहा है। अब जरा अंदाजा लगाइए कि आज का बच्चा जब बड़ा होगा तो वह क्या सोचेगा? यही सोचेगा कि उसकी मां और दादी गलत रास्ते पर चली।
- Loading weather...
- |
- Last Update 23 May, 01:39 AM
- |
- |
- खबरें हटके
- |
- ताज़ा खबर
- |
- क्राइम
- |
- वायरल विडिओ
- |
- वीडियो
- |
- + More
0 Comment