बस्ती। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की शनिवार को आयोजित कार्यवाही बैठक में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुये जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर निर्णायक आंदोलन किया जाएगा। बैठक में सांगठनिक विस्तार पर चर्चा के साथ ही अभय प्रताप सिंह को दुबौलिया विकास क्षेत्र का वरिष्ठ उपाध्यक्ष और जर्नादन प्रसाद शुक्ल को जिला संगठन मंत्री का दायित्व सौंपा गया।
बैठक में टीईटी, पुरानी पेंशन बहाली, विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, शिक्षकों की लंबित समस्याओं के समाधान तथा संगठन को मजबूत बनाने सहित विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। निर्णय लिया गया कि सदस्यता अभियान चलाने के साथ ही  अक्टूबर माह से से सभी विकास क्षेत्रों में अधिवेशन कराया जायेगा। कहा कि पदाधिकारी अपने-अपने विकास क्षेत्रों में नये शिक्षकों को संगठन में स्थान दें। संघ जिलाध्यक्ष उदय शंकर शुक्ल ने कहा कि लम्बे समय से लंबित शिक्षकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जाए। कहा कि यदि शिक्षकों की समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण नहीं हुआ तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा। कहा कि जिलाधिकारी, बीएसए और लेखाधिकारी को संगठन की ओर से जो 20 सूत्रीय ज्ञापन दिया गया है यदि समय से उसका समाधान न हुआ तो 15 दिन बाद संघ आन्दोलन की घोषणा करने को बाध्य होगा। कहा कि अधिकारियों द्वारा छात्र संख्या बढाने को लेकर शिक्षकों को आन लाइन नोटिस दिये जाने के नाम पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।  संरक्षक अरुण देव शुक्ल ने कहा कि शिक्षकों को अपना अधिकार हासिल करने के लिये संघर्ष एकजुटता के साथ तेज करना होगा।
बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनन्द दूबे, कोषाध्यक्ष अभय सिंह यादव, संयुक्त मंत्री राजकुमार सिंह, शैल शुक्ल , नरेन्द्र दूबे, दिवाकर सिंह, ओम प्रकाश पाण्डेय, रजनीश मिश्र, राजीव पाण्डेय, रीता शुक्ला, विकास पाण्डेय, उमाशंकर मणि, रूसीला दिवाकर, सरिता पाण्डेय आदि ने कहा कि शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों के बोझ से मुक्त कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का वातावरण उपलब्ध कराया जाए. साथ ही संगठन की सदस्यता अभियान को तेज करने तथा प्रत्येक ब्लॉक स्तर पर शिक्षकों की समस्याओं का प्रभावी ढंग से समाधान कराने पर जोर दिया गया। बैठक में संरक्षक सतीश शंकर शुक्ल, संरक्षक रक्षा राम वर्मा, पटेश्वरी निषाद, मोहम्मद सलाम, विवेक कुमार शुक्ल, प्रदीप मिश्रा, प्रणव मिश्र, शिवांक मिश्र, राजेन्द्र कुमार, अब्दुल मारुफ, कृष्ण बिहारी पाण्डेय, हरीश चौधरी, कैलाश नाथ, अब्दुल मन्नान, धर्मेंद्र कुमार, विपिन कुमार तिवारी, विक्रांत द्विवेदी, मंजेश राजभर, सुनील कुमार पाण्डेय, कमलेश वर्मा, वैभव कन्नौजिया, रवीन्द्र नाथ, सचिन शुक्ल, कृष्ण कुमार, प्रशान्त सोनी, राम मोहन, कृष्ण बहादुर पाल, प्रेम शंकर वर्मा,  महेंद्र प्रताप पाण्डेय, अमित कुमार श्रीवास्तव, राघवेन्द्र प्रताप पाण्डेय, अमित कुमार पाण्डेय, दिग्विजय नाथ यादव, अमित कुमार वर्मा, रवि प्रताप सिंह, नवीन कुमार चौधरी, रवि प्रकाश शुक्ल, नन्द किशोर चौधरी, बृजेश कुमार पाण्डेय, सौरभ कुमार तिवारी, राजेश कुमार, अनिल कुमार सिंह, धर्मराज, रामकृपाल, अभय प्रताप सिंह, जितेन्द्र बहादुर, रीता शुक्ला, दिवाकर सिंह, रुशीला दिवाकर, सरिता शुक्ला,  श्रवण कुमार, अवनीश कुमार, जनार्दन प्रसाद शुक्ला, उदय शंकर पाण्डेय तथा पवन कुमार यादव, राधेश्याम मिश्र सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।