बस्ती। जिस महिला प्रधान के पास अपना कोई कारोबार न हो, और जो तलाकषुदा हो, पति से अलग रह रही हो, और जिसे ठीक से हस्ताक्षर तक करना नहीं आता, अगर वह करोड़ों रुपये की जमीन खरीदती है, तो सवाल तो उठेगा ही, इस सवाल का जबाव हसीना बानो को न सिर्फ न्यायालय में बल्कि इंकम टेैक्स विभाग को भी देना होगा, और यह बताना होगा, कि पांच हजार मानदेय से तब घर का खर्चा नहीं चल सकता तो कैसे एक नहीं बल्कि दस कीमती जमीनें खरीदी गई? जबाव तो इनके कोटेदार पति गुलाम हुसैन को भी देना होगा, कि जब 2013 में पत्नी से तलाक हो गया, और मियां बीबी अलग-अलग रहने लगे तो फिर हसीना बानो से बच्चे कैसे पैदा हुए? और वह भी बिना दूसरी शादी किए। कोटेदार को इस बात का भी जबाव देना होगा कि जब 2013 में तलाक हो गया तो कैसे पति के रुप में पत्नी के द्वारा खरीदे गए दस जमीनों के बैनामों मेें गवाह बने? इससे साफ पता चलता हैं, कि तलाक फर्जी हैं, और यह तलाक सिर्फ और सिर्फ कोटा और प्रधानी को बचाने के लिए दिया गया।
‘जितना’ जमीन ‘प्रधान’ ने ‘खरीदी’ उतना ‘प्रमुख’ ने ‘नहीं खरीदा ‘होगा’
विकास खंड साउंघाट की प्रधान हसीना बानो ने एक ही साल में जितनी जमीनों का बैनामा कराया उसका आधा भी ब्लाक के प्रमुख अभिषेक कुमार नहीं खरीदे होगें, इससे साफ पता चलता है, इनके कोटेदार पति पे भी पैसा लगाया। खासबात यह है, बकौल पति और पत्नी के उनका तलाक 2013 में ही हो गया, और दोनों अगल रहते हैं, लेकिन जमीन का दस्तावेज तो यही कह रहा है, दोनों साथ-साथ में रह रहें हैं, अगर न रहते तो दनके पति गुलाम हुसैन कैसे हर बैनामें गवाह होते है। यही गवाही इनके लिए परेशानी खड़ी कर सकता है। 14 दिसंबर 2021 को हसीना ने अली हजरत से 18 लाख की जमीन खरीदी, गवाह इनके पति गुलाम हुसैन, 25 मार्च 21 को 15 लाख की जमीन मो. रजा से खरीदा, गवाह पति, 25 जुलाई 19 को लगभग तीन लाख की जमीन उदय शंकर से खरीदा, गवाह पति, आठ मई 2019 को लगभग डेढ़ लाख की जमीन हकीकुल्लाह से खरीदा, गवाह पति, आठ जनवरी 19 को साढ़े छह लाख की जमीन खुषबुनिषा से खरीदा, गवाह पति, 18 दिसंबर 18 को साढ़े सात लाख की जमीन नषीबुल्लाह से खरीदा, गवाह पति, आठ जनवरी 18 को 23 लाख की जमीन प्रमात्मा उर्फ परमात्मा चौधरी से खरीदा, गवाह पति गुलाम हुसैन हैं, इसी तरह अन्य न जाने कितने जमीनों के बैनामें हसीना बानो ने कराए गए, मानो यह कोई बहुत बड़ा धन्ना सेठ हो।
0 Comment