बस्ती। सल्टौआ अस्पताल के एमओआईसी डा. अमित कन्नौजिया को मारने पीटने वाले अमित हॉस्पिटल एंड अल्ट्रासाउंड सेंटर के पिता-पुत्र के खिलाफ सीएमओ न तो एफआईआर दर्ज करवा पाए और न ही अपील करने के बावजूद डा. अमित कन्नौजिया का तबादला ही किया, आज भी एमओआईसी अपमान और पीड़ा के साथ नौकरी कर रहे है। सीएमओ की ओर से जो अस्पताल के लिए सीलिगं की कार्रवाई करवाई गई, उसका भी प्रभाव अस्पताल वालों पर नहीं पड़ा। सीएमओ साहब ने भले ही आगे से चारों षटर सील कर दिया, लेकिन पिछवाड़ा खुला हुआ है, और जो कारोबार सील होने के पहले चल रहा था, वह कारोबार सील होने के बाद भी चल रहा है, फर्क इतना है कि सामने नहीं बल्कि पीछे से चल रहा है। पीछे से अस्पताल संचालित होने की जानकारी सीएमओ कार्यालय को भी हैं, लेकिन अभी तक पीछे वाला दरवाजा सील नहीं किया गया। बताया जाता है, डिप्टी सीएमओ डा. एसबी सिंह के द्वारा की गई कार्रवाई साजिष के तहत की गई, चूंकि मार एमओआईसी खाए थे, इस लिए समाज को दिखाने के लिए बाहर से सील कर दिया गया। आसपास के लोगों का कहना है, कि दिखावे के लिए सीएमओ ने अस्पताल को आगे से सील कर दिया, लेकिन कारोबार तो पीछे से चल ही रहा है। कहते हैं, ऐसा सील करने से क्या फायदा जो अवैध कारोबार को न रोक सके। बताया कि इसकी जानकारी सीएमओ को दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। विभाग ने एक तीर से दो निषाना किया, पहला कार्रवाई के नाम पर सील कर दिया, और दूसरा पिछवाड़े से कारोबार जारी रखने के लिए पैसा भी ले लिया। अब आप समझ गए होगें कि जब सीएमओ, पूर्व डिप्टी सीएमओ सीएल कन्नौजिया के पुत्र एमओआईसी अमित कन्नौजिया के मामले में हास्पिटल वालों से समझौता कर सकते हैं, तो यह लोग कुछ भी कर सकते। फिर कहा जा रहा है, कि अगर डिप्टी सीएमओ डा. एसबी सिंह मौके से न भागे होते और एमओआईसी को अकेला न छोड़े होते तो एक एमओआईसी मार खाने से बच जाता। एमओआईसी की मजबूरी हैं, कि वह सीधे एफआईआर नहीं दर्ज करवा सकते, वरना अब तक मारने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज होता और जेल की हवा भी खानी पड़ती, लेकिन वाह रे सीएमओ और डिप्टी सीएमओ।
- Loading weather...
- |
- Last Update 09 Apr, 12:55 AM
- |
- |
- खबरें हटके
- |
- ताज़ा खबर
- |
- क्राइम
- |
- वायरल विडिओ
- |
- वीडियो
- |
- + More
0 Comment