बस्ती। सवाल उठ रहा है, कि कैसे सीएमओ और डिप्टी सीएमओ डा. एके चौधरी के संरक्षण में रुधौली सीएचसी के सामने आधा दर्जन अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहे हैं? इसके लिए इन दोनों को हर माह कितना धन मिलता हैं, यह भी बड़ा सवाल हैं, क्यों कि बिना महीना लिए जिले में कोई भी वैध/अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो ही नहीं सकता। ऐसे-ऐसे अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहे हैं, जिन पर डाक्टर नहीं टेक्नीशियन रिपोर्ट लगाते है। जे पी डायग्नॉस्टिक समेत आधा दर्जन अल्ट्रासाउंड सेंटर, नर्सिग होम व पैथोलॉजी हैं, जिसे डॉ. अशोक चौधरी अपने रिश्तेदारों के जरिए संचालित करवा रहे है। डा. अशोक चौधरी का रुधौली में खुद बिना पंजीकृत हॉस्पिटल चलता है। जेपी डायग्नॉस्टिक सेंटर का झोलाछाप संचालक जेपी चौधरी भू्रण लिंग परीक्षण जैसे गैर कानूनी कार्यो को अंजाम देने की षिकायत की गई है। जिलाधिकारी व सीएमओ के आंखों में धूल झोक कर पैसा कमा रहें डॉ अशोक कुमार चौधरी। खुद को स्पेशलिस्ट बता गरीब मरीजों को गुमराह कर रहे नौसिखिया।

सावधान हो जाइए, तस्वीर में दिख रहा फर्जी अल्ट्रासाउंड विशेषज्ञ जे पी चौधरी। जरा बचकर कहीं आप भी ना हो जाए शिकार? रुधौली में जेपी डायग्नॉस्टिक नाम से चल रहे अवैध सेंटर व डाक्टर की डिग्री को लेकर शिकायत से कइयों पर रहे उठ सवालिया निशान? शिकायत के बाद भी अवैध अल्ट्रासाउंड सेंटरों हॉस्पिटलों लैबो पर नहीं होती कारवाई, यदि कारवाई करेंगे तो महिनों का रुक जाएगा, लाखों लाख का हो रहा अवैध वसूली। अपनी संपूर्ण नौकरी डॉ अशोक कुमार चौधरी बस्ती में ही किए 25-26 वर्षों से बस्ती में बीता दिया। डॉ अशोक कुमार चौधरी के आगे शासनादेश स्थानांतरण नीति का कोई माने नहीं। सीएमओ कार्यालय में खूब फल फूल रहा है चौधरी वाद सीएमओ के स्टेनो भी लगभग 10 वर्षों से बस्ती में है। सीएमओ के अवैध वसूली का लेखा जोखा रखते हैं। सबके अपने अपने वसूली एजेंट डाक्टर एके चौधरी के अंगद वर्मा, डॉ एसबी सिंह के अभिषेक पाल, सीएमओ के अनिल चौधरी, प्रेम बहादुर है खासमखास। सीएमओ कार्यालय में तैनात सीएमएसडी के पुत्र भी है, स्वास्थ्य विभाग बस्ती सीएमओ आफिस के ठेकेदार। भ्रष्टाचार की गंगोत्री बस्ती सीएमओ कार्यालय से निकलता है भ्रष्टाचार का उद्गम स्थल बना सीएमओ कार्यालय। स्वास्थ्य विभाग में बड़ा भ्रष्टाचार तत्कालीन सीएमओ डॉ दूबे से बड़े भ्रष्टाचारी साबित होंगे डॉ निगम।