बस्ती। पूरे जिले में ननद-भौजाई के रुप में जितनी चर्चा सुमन चौधरी और सुनीता चौधरी की हो रही है, उतना अन्य किसी की नहीं, कारण इन दोनों के प्रति सीएमओ डा. राजीव निगम और डिप्टी सीएमओ डा. एके चौधरी का लगाव, यह लगाव ही सीएमओ और डिप्टी सीएमओ के गले की फंास बन गई। ननद-भौजाई के लिए सीएमओ और डिप्टी सीएमओ किसी भी हद तक जा सकते हैं, दोनों स्टाफ नर्स के प्रति आघात प्रेम देख लोग कहने लगे कि ननद-भौजाई हो तो सुनीता चौधरी और सुमन चौधरी जैसा। यह दोनों सविंदा पर स्टाफ नर्स हैं, और कुदरहा पीएचसी पर तैनात है। इन दोनों की खासियत यह है, कि यह दोनों खुले आम गरीब महिला मरीजों को 70-80 फीसद कमिशन वाली बाहर दवांऐ लिखती है। इन दोनों की एक दिन की आमदनी 10 से 15 हजार बताई जा रही है। इतनी आमदनी तो सीएमओ और डिप्टी सीएमओ की भी नहीं होगी। जब भी इनकी शिकायत भाकियू के उमेश गोस्वामी करते, दोनों सीएमओ और डिप्टी सीएमओ के दरबार में पहुंच जाते है। जाहिर सी बात हैं, उसके बाद शिकायतों का क्या होता होगा, कहने की बात नहीं, अगर ननद-भौजाई का गरीब मरीज कमाई का जरिया बन गई, तो सीएमओ और डिप्टी सीएमओ का भी ननद-भौजाई सोने का अंडा देने वाली मुर्गी की तरह है। बिडंबना यह है, कि न तो ननद-भौजाई मरीजों का उत्पीड़न बंद करने को तैयार है, और न उमेश गोस्वामी समझौता करने को तैयार है। अब तो सीएमओ और डिप्टी सीएमओ के अतिरिक्त एनएचएम के बाबू संदीप राय भी ननद-भौजाई के कमाई का हिस्सेदार बन गएं है। इन दोनों के खिलाफ उमेश गोस्वामी इतना साक्ष्य दे चुके हैं, कि बर्खास्त करने के लिए र्प्याप्त हैं, लेकिन ननद-भौजाई प्रेम ने अधिकारियों को बांध रखा है। अब तो ननद-भौजाई के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए उमेश गोस्वामी ने आमरण-अनशन करने का नोटिस डीएम को दिया है। डीएम ने एक सप्ताह का समय मांगा है। अगर वाकई उमेश को आमरण-अनशन पर बैठना पड़ा तो यह पूरे सरकारी तंत्र पर हमला होगा। जिस ननद-भौजाई के लिए सीएमओ आला अधिकारी से झूठ बोल सकते हैं, उस ननद-भौजाई के लिए वह कुठ भी कर सकते है।
- Loading weather...
- |
- Last Update 17 Mar, 01:58 AM
- |
- |
- खबरें हटके
- |
- ताज़ा खबर
- |
- क्राइम
- |
- वायरल विडिओ
- |
- वीडियो
- |
- + More
0 Comment