बस्ती। जिले में एमडीएम का इतना बुरा हाल होगा, डीएम ने कभी सोचा भी नहीं था, उनके जिले में बच्चों को जली और मोटी रोटी खिलाई जा रही है, यह देख उन्हें अफसोस और दुख हुआ। बीएसए साहब को तो वसूली से फुर्सत नहीं मिलती कि वह देखे कि बच्चें सूख्ी रोटी खा रहे हैं, या जली हुई। रही बात डीसी एमडीएम की तो इनका कहना ही क्या? इनके बारे में योजना को लेकर जितना भी कहा जाए कम होगा। डीएम कृत्तिका ज्योत्स्ना ने कई परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विद्यालयों में साफ-सफाई, छात्र उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था तथा मिड-डे-मील की गुणवत्ता का गहनता से परीक्षण किया गया।

निरीक्षण की शुरुआत विकास खण्ड बनकटी स्थित पीएम श्री विद्यालय देवमी से हुई। जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर का भ्रमण कर साफ-सफाई की स्थिति का जायजा लिया। परिसर में गंदगी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रशासन को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी द्वारा कक्षा-7 में छात्र उपस्थिति की जांच के दौरान 27 नामांकित छात्रों की तुलना में 24 छात्र उपस्थिति पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित शिक्षकों को चेतावनी जारी करने हेतु बीएसए अनुप तिवारी को निर्देशित किया गया। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा उपलब्ध कराए गए कम्प्यूटर लैब के उपकरण अब तक स्थापित न होने पर डीएम ने नाराजगी व्यक्त करते हुए एक सप्ताह के भीतर इंस्टॉलेशन पूर्ण कर विद्यार्थियों के उपयोग हेतु संचालित कराने के निर्देश दिए।

डीएम कम्पोजिट विद्यालय डारीडीहा पहुंचीं, जहां कक्षाएं संचालित होती पाई गईं। बच्चों से संवाद कर उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता का परीक्षण किया तथा आंगनबाड़ी में कार्यरत स्पेशल एजुकेटर प्रतीक्षा द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की। निरीक्षण के दौरान मिड-डे-मील व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आई। बच्चों को परोसी गई रोटियां मोटी एवं जली हुई पाई गईं। भोजन की खराब गुणवत्ता को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने संबंधित प्रधानाध्यापिका  अनीता द्विवेदी एवं रसोइयों के विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश बीएसए को दिए।