बस्ती। एक तो पालिका अतिक्रमण हटाओ कोई अभियान नहीं चलाता, जिसके चलते अतिक्रमण बढ़ते जा रहे हैं, और अगर किसी ने अतिक्रमण की षिकायत भी कर दिया, तो पालिका वाले उसे भी अनसुना कर देते हैं, अगर कहीं किसी ने इस संबध में आरटीआई के तहत जानकारी मांग लिया तो उसे भी नहीं दिया जाता, शिकायतकर्त्ता को अपील में जाना पड़ता है। ऐसे में आखिर जनता पालिका पर विष्वास करे तो कैसे करें? और अतिक्रमण हटे तो कैसे हटे? यह सवाल पालिका प्रशासन के लिए बहुत अहम है। ईओ साहब आप जरा अंदाजा लगाइए कि सरदार कुलवेंद्र सिंह को अपने बगल स्थित भवन जो मालवीय रोड पर हैं, से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री, विभागीय राज्य मंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री, प्रमुख सचिव नगर विकास, संयुक्त सचिव, कमिष्नर और डीएम के पास जाना पड़ा, और इन सभी ने अतिक्रमण हटाने को लिखा, लेकिन फिर भी नहीं हटा, शिकायतकर्त्ता सवाल उठा रहा है, कि अब आप किसकी बात मानेगें, बता दीजिए, वहां से आदेश करवा दूं, दुखी होकर शिकायतकर्त्ता ने पीआईएल दाखिल करने का मन बना लिया। ईओ साहब अब तो तहसील वालों ने भी जांचोपरांत अतिक्रमण हटाने की आप को रिपोर्ट की है, एसडीएम सदर लिख चुके हैं, कि पालिका और बीडीए चाहे तो अतिक्रमण हटा सकता है, क्यों कि बादशाह मैरेज हाल से लेकर पेटोल पंप तक निर्मित्त आवासीय और व्यवसायिक भवन अतिक्रमण की श्रेणी में आता हैं, इस भवन के मालिक यादवजी ने 13 फिट का अतिक्रमण किया है। जो भवन सड़क के बीच से 50 फिट छोड़ बनाना चाहिए था, उसे मात्र 37 फिट छोड़कर बनाया, इस तरह 13 फिट का अतिक्रमण किया गया, खासबात यह है, कि इस अतिक्रमण के चलते बादषाह सिनेमा से निकलने वालों का एक्सीडेंट हो रहा है। एसडीएम के द्वारा पालिका और बीडीए को भेजी गई जांच रिपोर्ट में कहा गया है, कि बीडीए एवं पालिका की ओर से मालवीय रोड के बीच के दोनों तरफ 100 फिट छोड़कर किसी भवन का निर्माण हो सकता है, कहा कि लेकिन जब इसकी जांच तहसीलदार की टीम से करवाई गई, तो जो आवासीय भवन बादशाह टाकीज के बगल में पेटोल पंप तक बना हुआ हैं, वह सड़क के बीच से 37 फिट छोड़कर बनाया गया, जबकि मानकनुसार सड़क के बीच से 50 फिट छोड़कर निर्माण करवाना चाहिए था। आईजीआरएस के तहत भेजी गई रिपोर्ट में एसडीएम सदर ने स्पष्ट लिखा कि इसके लिए उनकी ओर से बीडीए/पालिका को अतिक्रमण हटाने के लिए लिख दिया गया है। इसके बावजूद भी न तो बीडीए और न पालिका अतिक्रमण हटवा रहा है। एक दिन पहले शिकायतकर्त्ता ने उन सभी को लिखित में षिकायत किया है, जिन्हें इससे पहले किया था, मुख्यमंत्री को लिखा कि पालिका में अतिक्रमण के मामले में की गई शिकायतों को कार्यालय में बैठकर झूठी रिपोर्ट लगाकर निस्तारित कर दिया जाता है, कहा कि जब पालिका के लोग ही अतिक्रमण नहीं हटाएगें तो अतिक्रमण करने वालों का मनोबल बढ़ेगा ही, सीएम से फिर ईओ को अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देशित करने की अपील की है।
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