युवा देश का भविष्य, पेपर लीक कर लगाया प्रश्न चिन्ह, प्रदर्शन पर पुलिस और सेना ने दिखाई बर्बरता

ओमप्रकाश गौतम
गढ़मुक्तेश्वर : वो कत्ल भी करते है तो चर्चे नहीं होते हम आह भी भरते है तो होते है बदनाम वाली कहावत चरितार्थ होती है जब प्रधानमंत्री और भाजपा की जनसभाओं में आशा,आंगनवाड़ी,नगर पालिका नगर निगम की सफाई कर्मी महिलाओं को लाया जाता है। चुनावी सभाओं में तो प्रलोभन दिए जाते है बिहार के चुनाव में आदर्श आचार संहिता की धज्जियां उड़ाकर महिलाओं के खाते में धनराशि डाली गई। युवा छात्र और छात्राएं अपने भविष्य के साथ देश के बिगड़े हालात पर सड़क पर उतरी। यूं तो सरकार ने लोकतंत्र में प्रदर्शन के अधिकार को भी पुलिस और सेना की लाठियां ही नहीं बुलेट चलवाकर अपनी सत्ता की हनक को उजागर ही नहीं प्रश्न चिन्ह लगा दिया। देश का भविष्य युवाओं के पेपर लीक हो या रोजगार की किल्लत के साथ लोकतंत्र में वोट के अधिकार पर भी कब्जा कर लिया। भारत ने सहकारिता मंत्रालय में सचिव रहे चुनाव आयुक्त बनने पर अपनी वफादारी का किरदार निभा रहे है। लोकतंत्र के प्रहरी चुनाव आयुक्त ने विपक्ष को नकार दिया और अपने अंहकार में किसी को नहीं सुना। लोकतंत्र के कमजोर होने,वोट के अधिकार से वंचित करने पर छात्र और छात्राएं भारत में लोकतंत्र को बचाने सड़क पर उतरे तो सरकार ने बर्बरता की हद पार कर दी। देश के प्रधानमंत्री ने एक कार्यक्रम में कांग्रेस पर बौखला गए। इतना ही नहीं सभा में महिलाओं को सड़क पर लाने को क्या मजबूरी कहकर सवाल उठाए जबकि खुद की सभा में सैकड़ों महिला बैठी हुई थी। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के नारे को भी उस समय धता बता दी   जब प्रदर्शन में छात्राओं के साथ बर्बरता दिखाई गई। मणिपुर,दिल्ली,हाथरस,मेरठ की घटनाएं महिलाओ के दाग नहीं छुटा पाएंगी। लोकगायिका नेहा सिंह राठौर पर एक चैनल ने घिनौना समाचार चलाया तो सारी मर्यादा तार तार कर दी गई। सरकार मूक बनकर सुन रही है देख रही है। देश में हिंदू मुस्लिम की दूरियां बढ़ाई और जनता को जात बिरादरी में बांट दिया। देश का भविष्य युवा जागकर सड़क पर हैं। युवाओ में सरदार भगत सिंह,सुखदेव, अस्पाक उल्लाह,उद्यम सिंह,रानी लक्ष्मी बाई नजर आने लगी है तो अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी के आदर्शो को अपनाकर चल रहे राहुल गांधी  जन नायक बन रहे है।