केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने शनिवार को राजनीति पर अपनी स्पष्ट राय व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें राजनीति का मौजूदा स्वरूप पसंद नहीं है क्योंकि इसमें "इस्तेमाल करो और फेंको" की रणनीति अपनाई जाती है। उन्होंने सवाल उठाया कि राजनीति में सत्तारूढ़ पार्टी में शामिल होने की होड़ क्यों रहती है और इस प्रक्रिया में लोगों की विचारधारा और निष्ठा कहां गायब हो जाती है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता गडकरी ने कहा, "देश में विचारधारा की नहीं, बल्कि विचारों के खालीपन की समस्या है।" उन्होंने कहा कि कई लोग सत्ता में आने वाली पार्टी में शामिल हो जाते हैं, जिससे उनकी विचारधारा और निष्ठा पर सवाल खड़े होते हैं। गडकरी के इस बयान ने राजनीति में नैतिकता और विचारधारा को लेकर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।