बनकटी/बस्ती। आशिक को एक सप्ताह पहले जिंदा जलाकर मारने वाली माशूका कांती चौधरी को मुण्डेरवा थाना के एसओ प्रदीप सिंह ने उस समय घरदबोचा ज बवह भागने की फिराक में मुंडेरवा रेलवे स्टेशन गई थी। यह हत्यारिन माशूका एक सप्ताह से फरार चल रही थी। इसके एक नहीं बल्कि कई आशिक है। पति को तो पहले ही छोड़ चुकी है, और बरहुआं निवासी मृतक आशिक रामचंद्र गुप्त को जलाने के बाद यह एक अन्य आशिक के साथ नेपाल भाग गई थी। यह घटना उन लोगों के लिए एक सबक हैं, जो इस तरह की औरतों के चक्कर में पड़कर अपना जीवन बर्बाद कर रहे है।

पुलिस के अनुसार, बरहुआ गांव निवासी रामचंद्र गुप्ता पिछले करीब चार वर्षों से कांती चौधरी के साथ बिना शादी पति-पत्नी की तरह रह रहा था। बताया जा रहा है कि पहली मई की रात दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के बाद कांती ने कमरे में आग लगा दी और बाहर से दरवाजा बंद कर मौके से फरार हो गई। कमरे में फंसे रामचंद्र आग की लपटों में बुरी तरह झुलस गए। घटना के बाद परिजनों ने गंभीर हालत में युवक को बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया, जहां कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद 6 मई की रात उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद मामले ने गंभीर मोड़ ले लिया और पुलिस ने मुकदमे में धारा 103(1) बीएनएस बढ़ाते हुए आरोपी महिला की तलाश तेज कर दी। थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। आखिरकार मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी महिला को मुण्डेरवा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जल्द ही न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जाएगी। इस हृदयविदारक घटना से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। ग्रामीणों में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं, वहीं परिजन आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।