बस्ती। ‘देैनिक भाष्कर’ के सर्वे रिपोर्ट में सदर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को ही नहीं बल्कि पूरे जिले के लोगों को चौंका दिया। दयाराम चौधरी जैसे पूर्व विधायक को पीछे छोड़ते हुए प्रमोद पांडेय को सर्वे में 2027 के लिए पहली पसंद का उम्मीदवार बताया गया। 44 फीसद लोगों ने न सिर्फ इन्हें भाजपा की पहली पसंद का उम्मीदवार बताया, बल्कि 55 फीसदी लोगों ने भाजपा प्रत्याषी को विधायक होना भी बताया। प्रमोद पांडेय का कहना है, कि भाष्कर के सर्वे में सिर्फ तीन भाजपा के लोगों का नाम षामिल था, इनमें पहला दयाराम चौधरी, दूसरा अंकुर वर्मा और तीसरा राम प्रकाष उर्फ मोदू का था, कहते हैं, कि अगर उनका नाम भी तीनों में शामिल होता तो वह 44 के स्थान पर 70 फीसद लोगों की पहली पसंद बनते। वहीं पर 27 फीसद लोगों ने सपा के विधायक महेंद्रनाथ यादव के बारे में कहा कि इन्हें टिकट मिलना चाहिए, और 36 फीसद लोगों ने सपा उम्मीदवार को विधायक होना बताया। यह सबसे अधिक चौकानें वाला सर्वे है। क्यों कि क्षेत्र की जनता ने सीटिगं सपा के विधायक को भाजपा के प्रत्याशी से कम पसंद वाला बताया। इस सर्वे रिपोर्ट के अनुसार भाजपा के प्रमोद पांडेय और उनकी पार्टी के लिए अच्छी खबर है। लेकिन सपा के विधायक महेंद्रनाथ यादव और उनकी पार्टी के लिए अच्छी खबर नहीं है। अगर इस सर्वे रिपोर्ट से सबसे अधिक किसी को धक्का लगा होगा तो वह भाजपा के पूर्व दयाराम चौधरी और सपा के विधायक महेंद्रनाथ यादव को। भाजपा के दयाराम चौधरी से अधिक तो अकुंर वर्मा को पहली पसंद का उम्मीदवार बताया, अंकुर वर्मा को 18 तो दयाराम चौधरी को 11 फीसदी ने पहली पसंद बताया, राम प्रकाश उर्फ मोदू सात फीसदी लोगों ने पहली पसंद बताया। किस पार्टी का विधायक बनना चाहिए, उनमें सबसे अधिक भाजपा को 55 फीसद, सपा को 36 फीसद, बसपा को छह और कांग्रेस को तीन फीसद लोगों ने बताया। सबसे खराब स्थित सपा के महेंद्रनाथ यादव की सामने आई। 47 फीसद लोगों ने कहा कि इन्हें सपा से टिकट ही नहीं मिलना चाहिए। 27 फीसद लोगों ने हां में और 26 फीसरद फीसद लोगों ने कहा कि अभी कह नहीं सकते। पहली पसंद के रुप में 27 फीसद लोगों ने सपा के शेलेश चौधरी और एक फीसद ने बृजेश मिश्र को बताया। इस सर्वे रिपोर्ट ने भाजपा के प्रमोद पांडेय के समर्थकों में उत्साह हैं, और कहा कि पार्टी ने अगर भईया को टिकट दे दिया तो वह और उनकी पार्टी के लोग जीताने के लिए जीजान लगा देगें। इनके समर्थकों का यह भी कहना है, कि अगर पार्टी इन्हें लड़ने का मौका देती है, तो यह इतिहास रच देगें। मंटू पांडेय कहते हैं, टिकट तो पिछली बार भी इन्हें मिल जाना चाहिए था। इसे लेकर प्रमोद पांडेय को सोशल मीडिया और आवास पर जाकर बधाई भी दे रहे है। वहीं प्रमोद पांडेय का कहना है, कि वह कर्म पर भरोसा करते, वह यह सोचकर पार्टी के हित में काम नहीं कर रहे हैं, बल्कि यह सोचकर काम कर रहें हैं, कि पार्टी एक न एक दिन उनके कर्मो का फल अवष्य देगी। प्रमोद पांडेय पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष भारतीय जनता युवा मोर्चा उत्तर-प्रदेश और पूर्व एपीएन कालेज के अध्यक्ष भी रह चुके है। बताते चले कि यह खबर दैनिक भाष्कर के सर्वे रिपोर्ट पर आधारित लिखी गई है। यह सर्वे रिपोर्ट गलत भी हो सकती है, और सही भी।