एयरपोर्ट की सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए 05 नई अस्थाई पुलिस चौकियों का सृजन
दो स्थानों पर 07-07 यूनिट के अग्निशमन केंद्र किए जाएंगे स्थापित
एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था सुदृढ़
एयरपोर्ट की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों को जेवर इमिग्रेशन कोर्स के माध्यम से विशेष प्रशिक्षण
तकनीक और प्रशिक्षित बल के साथ तैयार हुआ मजबूत सुरक्षा मॉडल
गौरव शर्मा l
लखनऊ/जेवर, l नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रथम चरण के शनिवार को शुभारंभ के दौरान सुरक्षा के दृष्टिगत नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और उसके आसपास का पूरा क्षेत्र अभेद्य सुरक्षा घेरे में तब्दील कर दिया गया। मजबूत सुरक्षा व्यवस्था अब यहां स्थाई तौर पर सुनिश्चित की जा रही है। एयरपोर्ट क्षेत्र की सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए 05 नई अस्थायी पुलिस चौकियों का सृजन किया गया है तो साथ ही किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए दो स्थानों पर 07-07 यूनिट के अग्निशमन केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे।
संपूर्ण क्षेत्र नो-फ्लाई जोन घोषित कर एंटी-ड्रोन सिस्टम रहा सक्रिय
जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट उद्घाटन कार्यक्रम को लेकर पूरे इलाके में 5-स्तरीय सुरक्षा घेरा बनाया गया। जहां हाईटेक एंटी-ड्रोन, सीसीटीवी, इंटेलिजेंस नेटवर्क से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई। इसी के साथ 100 से अधिक प्रवेश द्वारों पर 200 डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, एंटी-सैबोटाज चेक, बम डिस्पोजल स्क्वाड, एंटी-माइंस चेकिंग, स्निफर डॉग्स तैनात किए गए। इसके साथ ही करीब 5000 पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई। चप्पे चप्पे पर सुरक्षा के लिए पीएसी, आरएएफ, एटीएस, सीआईएसएफ के साथ एसपीजी भी मुस्तैद रहे। नो-फ्लाई जोन, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग, कंट्रोल रूम, हेल्प डेस्क, एनडीआरएफ/एसडीआरएफ अलर्ट के साथ ही 20,000 वाहनों की पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई।
पुलिस कमिश्नर (गौतमबुद्ध नगर) लक्ष्मी सिंह के नेतृत्व में जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ एवं सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं हैं। सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को इस प्रकार व्यवस्थित किया गया कि भविष्य में यहां वीआईपी मूवमेंट के दौरान आम जनमानस को किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए।
70 पुलिसकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण
जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि एयरपोर्ट की सुरक्षा एवं संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जेवर इमिग्रेशन कोर्स के अंतर्गत 03 निरीक्षक, 24 उपनिरीक्षक, 17 मुख्य आरक्षी एवं 26 आरक्षियों सहित कुल 70 पुलिस कर्मी प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त आगामी प्रशिक्षण के लिए 30 उपनिरीक्षक, 14 मुख्य आरक्षी एवं 17 आरक्षियों सहित कुल 61 पुलिसकर्मियों को नामित किया गया है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक दक्ष एवं प्रभावी बनाया जा सके।
थाना जेवर डॉमेस्टिक टर्मिनल के लिए 35 पुलिसकर्मी
एयरपोर्ट क्षेत्र में थाना जेवर डॉमेस्टिक टर्मिनल के लिए कुल 35 नागरिक पुलिसकर्मियों के पद स्वीकृत/नियुक्त किए गए हैं। इनमें 01 निरीक्षक, 02 उपनिरीक्षक, 09 मुख्य आरक्षी, 03 कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए, 15 आरक्षी, 02 आरक्षी चालक तथा 03 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शामिल हैं।
चौकियों से एयरपोर्ट की परिधि सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
जॉइंट सीपी राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि एयरपोर्ट क्षेत्र की सुरक्षा को सशक्त बनाने के लिए 05 नई अस्थायी पुलिस चौकियों का सृजन किया गया है। इन चौकियों में पुलिस चौकी माइल स्टोन-32 कि.मी., कार्गो टर्मिनल, डॉमेस्टिक टर्मिनल, माइल स्टोन-27 कि.मी. तथा माइल स्टोन-15 कि.मी. शामिल हैं। इन सभी चौकियों के माध्यम से एयरपोर्ट की परिधि सुरक्षा को मजबूत किया गया है तथा आवागमन मार्गों पर प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था हर समय सक्रिय
इसके अतिरिक्त पीसीआर/पीआरवी वाहनों का आवंटन किया गया है, जो आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित हैं। इन वाहनों के माध्यम से लगातार गश्त की जा रही है और पुलिस चौकियों तथा पीआरवी/पीसीआर वाहनों पर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था हर समय सक्रिय और प्रभावी बनी रहे।
अग्नि सुरक्षा के लिहाज से किसी भी आपात स्थिति में होगा तुरंत एक्शन
अग्नि सुरक्षा के दृष्टिकोण से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र के सेक्टर-32 एवं सेक्टर-18 में दो नए अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है। दोनों स्थानों पर 7485 वर्गमीटर भूमि पर 07-07 यूनिट के अग्निशमन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इनके निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है।
प्रत्येक अग्निशमन केंद्र के लिए 01 अग्निशमन अधिकारी, 03 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी, 01 एएसआईएम, 08 एलएफएम, 09 एफएस चालक तथा 44 फायरमैन के पद सृजित किए गए हैं, जिससे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए 05 राजपत्रित अधिकारियों 01 पुलिस उपायुक्त, 01 अपर पुलिस उपायुक्त तथा 03 सहायक पुलिस आयुक्त के साथ लगभग 70 सहायक स्टाफ के पदों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव है।
इसी क्रम में 'थाना जेवर इंटरनेशनल टर्मिनल' के निर्माण के लिए 4000 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रस्तावित थाने के लिए 01 निरीक्षक, 02 उपनिरीक्षक, 09 मुख्य आरक्षी, 03 कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए, 15 आरक्षी, 02 आरक्षी चालक एवं 03 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के पदों की स्वीकृति के प्रस्ताव भी विचाराधीन हैं।
एयरपोर्ट के पास पुलिस लाइन्स के निर्माण के लिए 10,000 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराने का प्रयास
इसके अतिरिक्त, कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस लाइन्स की एयरपोर्ट से लगभग 55 कि.मी. दूरी को दृष्टिगत रखते हुए एयरपोर्ट के समीप एक पुलिस लाइन्स के निर्माण के लिए यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण से लगभग 10,000 वर्गमीटर भूमि उपलब्ध कराने के लिए प्रयास किया जा रहा है।
प्रस्तावित परिसर में बीडीडीएस टीम, डॉग स्क्वाड, परिवहन शाखा, शस्त्रागार, प्रशिक्षण केंद्र, इमिग्रेशन स्टाफ के लिए बैरक, आवास, गैरेज एवं कार्यालय आदि की समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित करेगा इंटरनेशनल एयरपोर्ट
पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर उपर्युक्त सभी व्यवस्थाओं से जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की सुरक्षा, संरक्षा एवं संचालन को उच्चतम मानकों के अनुरूप सुनिश्चित किए जाने की दिशा में निरंतर प्रभावी कार्रवाई कर रहा है। इस व्यापक, बहुस्तरीय और तकनीक-संपन्न सुरक्षा व्यवस्था से स्पष्ट है कि जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट न केवल देश की कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा, बल्कि सुरक्षा के क्षेत्र में भी एक नया मानक स्थापित करेगा।
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