बनकटी/बस्ती। अगर गांव का कोई व्यक्ति खुले में शोच के लिए झाड़ी में जाता है, और जैसे ही वह जघियां का नारा खोलकर बैठने लगता हैं, वैसे ही उसे झाड़ी में चीता और उसके चार बच्चे दिखाई देता है, ऐसे में चीता देखते ही उसके होश उड़ जाता हैं, शोच करना भूल जाता हैं, जान बचाने के लिए नारा हाथ में पकड़कर दौड़ता हैं, और चिल्लाता है, कि भागो-भागों शेर आया। यह किसी किताब का अंश नहीं बल्कि सच्चाई है, और इस सच को मुन्डेरवा थाना क्षेत्र के लहरी गांव वालों ने प्रत्यक्ष रुप से देखा, दूर से वीडियो भी बनाया। पूरे गांव भर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में वन विभाग के श्रीकान्त माली पहुंचे और कहा कि सूचना सत्य है। शाम को अपने टीम के साथ जुगाड़ लेकर हम लोग आएगें। गांव वाले इस बात को लेकी हैरान हैं, कि उनके गांव में चीता कैसे आ गया, और झाड़ी में चार बच्चों को जन्म दे दिया। वैसे भी चीता का नाम सुनते ही कितनों के होश उड़ जाते हैं, एकसे में अगर कोई चीता गांव में आ जाता है, डरने वाली बात ही है। चीता को देख वालों यह कहने लगे कि क्यों कि गांव से कुत्ते के छोटे-छोटे पिल्ले गायब हो रहे है। पिल्लों का गायब होना गांव वालों को अब समझ में आ गया। गांव वालों का कहना है, कि वनों की हो रही बेरहमी से कटाई के कारण वनों से जानवर भाग रहे है। कहा भी कि समय आ गया है, कि सभी को एक नहीं बल्कि दस-दस पौध जगाने का प्रण लेना होगा। बहरहाल, जब से गांव में चीता के होने की खबर फैली है, तब से गांव के आसपास के लोगों का आना जारी है। अधिकांश ऐसे गांव वाले भी है, जिन्होंने इतना करीब से कभी चीता और उसके बच्चे को नहीं देखा होगा, गांव के बच्चों को चीता देखने के लिए काफी उत्साह देखा गया।
बता दें, कि उस समय अफरा-तफरी मच गया जब शाम के समय कोई व्यक्ति झाड़ में शौच के लिए चला गया, वहां उसने देखा कि चीते के चार बच्चे एक पेड़ से चढ़ उतर रहे हैं और बगल में उसकी माँ उन सबकी रखवाली कर रही है। उस व्यक्ति ने आव देखा न ताव अपने जंघिए की डोरी पकड़े भागते हुए चिल्ला रहा था, बाघ रे, बाघ रे, तो लोगों ने भाग रे सुना हांफते-डाफते जब घर पहुँच कर सारी बातें बताई तो लोगों के पैर जमीन से खिसक गए। बताए गए उस स्थान पर कुछ लोग मौके पर गए तो किसी ने डरते हुए दूर से विडियो बना लिया है। तब से गांव वालों की नींद हराम हो गया है। रतजगा कर लोग अपने घर की रखवाली कर रहे हैं। गांव वालों ने बताया कुछ दिनों से गांव से पिल्ले गायब हो जा रहे थे तो लोग समझते थे कि कोई पालने के लिए उठा ले जा रहा हैं। लेकिन जब से सच्चाई का पता चला है तब से गांव वालों के साथ-साथ क्षेत्र वासियों का भी नींद हराम है।
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