बनकटी/बस्ती। अगर किसी उपभोक्ता को दस दिन तक बिजली नहीं मिलेगी तो उसका गुस्सा फुटेगा ही। वह फीडर पर कब्जा भी करेगा, नारेबाजी और धरना प्रदर्शन करेगा, सरकार और अधिकारियों को बुराभला भी कहेगा, अगर कहीं यह गुस्सा कई गांवों के उपभोक्ताओं का फुटा तो समझो खैर नहीं। तब जेई के यह कहने से नहीं चलेगा कि क्या करें उपभोक्ता अधिक हैं, और लाइन मैन कम। उपभोक्ताओं का गुस्सा उस समय चरम पर वहुंच जाता है, जब कोई अधिकारी फोन नहीं उठाता, ऐसे में उपभोक्ताओं के सामने सरकार और विभाग के अधिकारियों को अपषब्द कहने के आलावा और कोई रास्ता नहीं रह जाता है, ऐसे में कभी-कभी तो उपभोक्ताओं को तो कानून को अपने हाथ में लेना पड़ता है।

बता दे कि एक सप्ताह पूर्व शाम से आई आंधी तूफान में बनकटी ब्लॉक से दक्षिण किसी भी गांवों में लाईट नही जा रही है। जिसके कारण दर्जनों गावों में आम जन मानस की ब्यवस्था अस्त ब्यस्त हो गई। कुछ लोगों ने तो चंदा लगा कर किराये पर जनरेटर चालू किया लेकिन डीजल न मिलने से वह भी सपना साकार नहीं कर पाया। बायोमेट्रिक चार्ज न होने से कोटेदार राशन नहीं बाट पा रहे हैं। एक सप्ताह से अंधेरे में डूबे दर्जनों गांवों के उपभोक्ताओं का फूटा गुस्सा, देईसांड़ उपकेंद्र का घेराव कर विरोध प्रदर्शन जारी रहा। बारिश के चलते दर्जनों गांवों में पेड़ गिरने व विद्युत पोल टूटने से दर्जनों गांव अंधेरे में डूबा हुआ है जबकि मोबाइल, ई-पास मशीन आदि मशीनरी सिस्टम बन्द पड़े हुए हैं। नाराज उपभोक्ताओं ने देईसांड़ उपकेंद्र का ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन करते हुए आपूर्ति बहाल करने की मांग किया। क्षेत्र के अनुपाखोर, गौरी कुढ़वा, रौतापार, नडार, कुरमौल, पूरनपुर, दौलतपुर, लोईयाभारी, अमईपार, हांसापार, बखरिया व तेनुआ, बाघापार, बैजीपुर तथा महथा आदि गांव में अधिकांश पेड़ व शाखाएं तथा विद्युत पोल गिरने से आपूर्ति बाधित हो गई है। आपूर्ति बहाली की मांग को लेकर विद्युत उपभोक्ताओं ने देईसांड़ उपकेंद्र पर ताला जड़कर विरोध प्रदर्शन जारी था। सूचना पर पहुंची लालगंज पुलिस व अवर अभियंता ने शाम तक आपूर्ति बहाली का शोषण देते हुए धरना प्रदर्शन साफ करा दिया । अवर अभियंता अवनीश गुप्ता ने बताया कि क्षेत्र में 16000 कनेक्शन है जिन्हें निर्वाण बिजली आपूर्ति करने की जिम्मेदारी मार्च 6 लाइनमैन के भरोसे है।