बस्ती। जिस प्रदेश में विकास से अधिक भ्रष्टाचार की चर्चा हो, वह प्रदेश कैसे भ्रष्टाचारमुक्त हो सकता है? यह सवाल उन लोगों के लिए जो सत्ता के षिखर पर बैठे है। कहा भी जाता है, कि जब भ्रष्टाचार शिखर पर होता तो लोग धरने पर बैठते है। धरने पर बैठना ही यह बताता है, कि भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के मण्डल महासचिव एवं पूर्व लोकसभा प्रत्याशी ठाकुर प्रेम नंदवंशी ने लघु सिंचाई विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार सहित विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरने शुरू किया कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
ठाकुर प्रेम नंदवंशी ने कहा कि मामला लघु सिंचाई विभाग में तैनात अवर अभियंता परविंद सिंह के स्थानांतरण से जुड़ा है। शासनादेश संख्या 855/ल0नि0/स्था0-3(126)/2026-27 के तहत 30 मई 2026 को परविंद सिंह का जनपद बस्ती से जनपद सिद्धार्थनगर के आकांक्षी क्षेत्र में स्थानांतरण किए जाने का आदेश जारी हुआ था। स्थानान्तरण आदेश के बावजूद संबंधित अधिकारी का स्थानांतरण नहीं किया गया। ठाकुर प्रेम नंदवंशी ने लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियन्ता हरिओम सिंह और सहायक अभियंता इंजीनियर गरिमा द्विवेदी पर शासनादेश के अनुपालन में बाधा डालने तथा मामले में कथित अनियमितताओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के स्थानान्तरण और निलंबन की मांग की है।
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के मण्डल महासचिव ठाकुर प्रेम नंदवंशी का आरोप है कि सरकारी धन के कथित दुरुपयोग और अनियमितताओं से संबंधित मामले में जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने पूरे प्रकरण की जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। ठाकुर प्रेम नंदवंशी ने आरोप लगाया कि उन्हें इंजीनियर गरिमा द्विवेदी सहित अन्य संबंधित लोगों की ओर से जान-माल की धमकी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसके लिए संबंधित आरोपित जिम्मेदार होंगे। इस संबंध में उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि धरना शुरू करने से पहले वह कई बार जिलाधिकारी और संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र सौंपकर अपनी मांगों से अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें अनिश्चितकालीन धरने पर बैठना पड़ा। ठाकुर प्रेम नंदवंशी के साथ धरने पर राम सुमेर यादव, रितिक कुमार, दया निधि आनंद, लालमणि शर्मा, मोहम्मद अजीम, आरिफ, अल्तमस और राम सुरेश यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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