बस्ती। सपा के मीडिया सेल की ओर से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ की गई अशोभनीय टिपणी को लेकर पहली बार लाइव पर आए, भाजपा के जिला पंचायत सदस्य प्रमोद कुमार चौधरी उर्फ गिल्लम चौधरी पर ही सोशल मीडिया पर टिपणियों की बाढ़ आ गई। ऐसा लगता है, मानो इन्होंने लाइव पर कोई गलती कर दी हो। लोग इन्हीं को ही निशाना बना कर सवाल दागने लगें। यहां तक कह डाला कि आज आप जो कुछ भी है, वह भाजपा के कारण नहीं बल्कि सपा के सांसद राम प्रसाद चौधरी की बदौलत, नहीं तो आप को कोई नहीं पहचानता था। जो व्यक्ति जिला पंचायत की बर्बादी का सहयोगी हो, वह उपयोग दे रहा है। अंकुर कुमार शुक्ल लिखते हैं, कि जय कुर्मी समाज, प्रमोदजी आपको नगर पंचायत चुनाव अभी याद होगा, तब आप भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ जाकर अपने सजातीय सपा प्रत्याशी की मदद की थी। सवाल करते हैं, कि क्या उस समय सपा संस्कारी पार्टी थी। जात के मोह पास से बाहर आइए औार सर्वसमाज के बारे में बात करिए। चंदर किशोर लिखते हैं, कि गिल्लमजी इसी कारण आप आज तक राजनीति में सफल नहीं हुए, और न कभी होगें, अखिलेशजी को टोटी चोर कहां की नैतिकता थी। सागर चौधरी सवाल करते हैं, कि बताइए चाचा जी, बीजेपी में कुर्मियों की कितनी इज्जत है। संतोष पांडेय लिखते हैं, सपा में दो ही तरह के लोगों की चलती है, परिवारवाद और तलवे चाटने वालों की। तीसरे की कोई गुजाइश नहीं। जिसका बेटा सही न हो उसकी पार्टी कैसे सही हो सकती। अमर चंद्र वर्मा लिखते हैं, कि आप जिस पार्टी में हैं, वह पार्टी ही ओबीसी, एससी का ही भला नहीं चाहती। विवेक चौधरी लिखते हैं, कि सबको पता है, कि कुर्मियों के साथ कौन खेल खेल रहा है, भाजपा की होशियारी इस बार नहीं चलेगी। कुर्मी समाज भाजपा को वोट नहीं देगा। मोनू चौधरी कहते हैं, कि भाजपा ने कुर्मी समाज के लिए क्या किया, अपनी भलाई के लिए समाज को झुकाना गलत है। संजय चौधरी लिखते हैं, कि किता सम्मान कुर्मी समाज का बीजेपी वाजे करते हैं, पूरा जिला तानता है। विजय वर्मा लिखते हैं, प्रदेश में हर माह कहीं न कहीं एक कुर्मी के लड़के को मारा जा रहा है, बेटियों के साथ रेप कर उनकी हत्या तक की जा रही है, उस पर भी चौधरी साहब दो शब्द बोल दीजिए। विजय चौधरी लिखते हैं, कि पंकज चौधरी खुद सक्षम हैं, अगर आप समाज के किसी गरीब व्यक्ति के उपर प्रशासन और सरकार के द्वारा हो रहे अन्याय के खिलाफ लाइव पर आते तो आप का सम्मान बढ़ता। अष्टभुजा सिंह राहुल जिखते हैं, कि हमने प्रमुखजी के कहने पर आपको वोट दिया, आपने कभी सोचा कि गौर ब्लॉक में आप को क्यों वोट मिला, आपने पैसा भी नहीं दिया था, फिर भी आप को वोट कैसे मिला, क्या आपने कभी सोचा कि आप में नेता बनने का कोई गुण नहीं है। रंजीत चौधरी लिखते हैं, कि बीजेपी में फिलहाल कोई भी उम्मीद नहीं है। राम शंकर चौधरी की टिपणी गिल्लमजी को याद रखनी चाहिए। इन्होंने लिखा कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव देख लीजिए, आपने पूरी तैयारी के साथ सबसे बात की थी। उसके बाद भी आप को जिलाध्यक्ष नहीं बनने दिया, यह सपाईयों का नहीं बल्कि भाजपाईयों का काम था, आप की पार्टी के लोगों ने ही आप को अध्यक्ष नहीं बनने दिया। आपके नेताओं ने ही आपका विरोध किया। पंडित शुक्लजी ने अपनी टिपणी से गिल्लमजी को पूरी तरह धो दिया। कहा कि आप अपने गिराबांन में झांककर देखिए, आप किस कारण और किसके चलते बस्ती में स्थापित हुए। जब आप खुद धोखेबाज प्रबृत्ति के नेता की लाइन में आते हैं, तो आप किसी पार्टी अथवा किसी नेता पर टिपणी कर रहे हैं, जाहिर सी बात हैं, कि आप जैसे नेता का बोलबाला है।कंहैया चौधरी लिखते हैं, कि भाजपा ने आपको सिहासंन पर बैठा दिया होगा, कितने नाम आप जानते हैं, कुर्मियों का, जिसका आप और आपकी पार्टी ने हित किया होगा। कटाक्ष करते हैं, कि समाज को डुबोने में आप जैसे नेताओं का बड़ा योगदान बड़ा योगदान होगा। इन टिपणियों को देखकर ऐसा लगता है, कि गिल्लम चौधरी जैसे नेताओं की आज भी अपनी कोई पहचान नहीं है, अगर ऐसे व्यक्ति को 2027 में टिकट मिल गया तो समझा जा सकता है, कि पार्टी और प्रत्याशी का क्या होगा? मात्र पैसा हो जाने से ही अगर कोई नेता बन जाता तो पटवा कबके विधायक हो गए होतें। उनसे अधिक किसके पास पैसा होगा। जिला पंचायत को लूटकर कोई या न समझे कि वह विधायक या एमएलसी बन गया। क्यों कि जिला पंचायत को लूटने वालों को जनता कभी नहीं भूल सकती।
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