रुधौली/बस्ती। रुधौली ब्लॉक में ग्राम पंचायत अधिकारी रंजना चौधरी को निलंबित किए जाने का मामला सामने आया है। जिला पंचायत राज अधिकारी की ओर से जारी निलंबन आदेश में पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही, सामुदायिक शौचालय के रखरखाव, केयरटेकर के भुगतान और विभागीय नोटिस का जवाब देने में देरी सहित कई बिंदुओं का उल्लेख किया गया है। मामले में विभागीय जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार, सामुदायिक शौचालय के रखरखाव से संबंधित जांच आख्या में केयरटेकर के भुगतान का मामला उठाया गया है। इसमें केयरटेकर को प्रतिमाह छह हजार रुपये की दर से 32 महीने के लिए कुल एक लाख 92 हजार रुपये का भुगतान किए जाने का उल्लेख है। जांच में इस भुगतान को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, भुगतान से संबंधित आरोपों और जिम्मेदारी का अंतिम निर्धारण विभागीय जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगा।

निलंबन आदेश में विभागीय नोटिस का जवाब निर्धारित समय के बाद प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है। आदेश के मुताबिक, तीन सितंबर 2026 को स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया था। इसके बाद नौ सितंबर 2026 को जारी आरोप पत्र और उसके जवाब का भी उल्लेख किया गया है। रंजना चौधरी की ओर से 18 सितंबर 2026 को स्पष्टीकरण प्रस्तुत किए जाने की बात आदेश में दर्ज है। विभागीय स्तर पर प्रस्तुत स्पष्टीकरण को असंतोषजनक बताते हुए संबंधित अभिलेखों और जांच आख्या के आधार पर कार्रवाई की गई है। पूरे प्रकरण में वित्तीय भुगतान, सामुदायिक शौचालय के रखरखाव और सरकारी दायित्वों के निर्वहन से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। राज कुमार गौतम को जांच की जिम्मेदारी जिला पंचायत राज अधिकारी ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) राज कुमार गौतम को जांच अधिकारी नामित किया है। आदेश में निर्देश दिया गया है कि जांच आख्या एक पक्ष के अंदर कार्यालय में उपलब्ध कराई जाए, ताकि मामले की आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जा सके।