गढ़मुक्तेश्वर नगर पालिका परिषद , जनपद हापुड़ में भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग एवं लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के खुले उल्लंघन को लेकर सभासदों का आक्रोश अब सार्वजनिक हो गया है। नगर पालिका अध्यक्ष पर विभिन्न विकास कार्यों के नाम पर ठेकेदारों से अवैध कमीशन मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनके समर्थन में कई ऑडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध हैं, जो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो चुकी हैं। पिंक शौचालय निर्माण कार्य सहित अन्य कार्यों में ठेकेदारों से कमीशन मांगे जाने की बातचीत रिकॉर्डिंग में स्पष्ट रूप से सुनी जा सकती है। एक ठेकेदार द्वारा अवैध मांग से इनकार करने पर भुगतान रोके जाने का मामला माननीय उच्च न्यायालय तक पहुँचा, जहाँ से आदेश पारित होने के बाद ही भुगतान किया गया, जो अध्यक्ष की कार्यशैली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
सभासदों ने यह भी आरोप लगाया कि नगर पालिका के भीतर कराई गई सभी जांचें अध्यक्ष को बचाने की नीयत से प्रभावित रहती हैं, जिससे सच्चाई सामने नहीं आ पाती और भ्रष्टाचार को संरक्षण मिलता है।
इसके अतिरिक्त नगर पालिका द्वारा खरीदी गई स्टील ट्रॉलियां एवं ई-रिक्शा (बैटरी सहित) वारंटी अवधि में ही खराब हो जाना सरकारी धन के खुले दुरुपयोग और घटिया आपूर्ति की ओर इशारा करता है। वहीं बोर्ड बैठकों का संचालन पूरी तरह मनमाने ढंग से किया जा रहा है—सभासदों को समय से सूचना नहीं दी जाती, एजेंडा साझा नहीं किया जाता, आपत्तियों को दर्ज नहीं किया जाता और मिनट बुक में बिना बोर्ड की स्वीकृति के प्रस्ताव जोड़ दिए जाते हैं।
इन सभी गंभीर मामलों को लेकर सभासद विनय सागर, प्रदीप निषाद, विनय यादव, अंकित कंसल, अरुण गोड, इकराम नूर सहित अन्य निर्वाचित सभासदों ने मेरठ मंडल के माननीय आयुक्त एवं पुलिस आयुक्त को लिखित प्रार्थना पत्र देकर मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच नगर पालिका से बाहर किसी स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय एजेंसी से कराई जाए तथा दोषी पाए जाने पर अध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लग सके और जनता का विश्वास बहाल हो।
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- Last Update 06 Feb, 05:04 PM
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