बस्ती। अगर कोई महिला 25 साल से पार्टी की निष्ठापूर्वक सेवा कर रही हो और अगर वह प्रदेश अध्यक्ष पंकजजी को यह पत्र लिखती है, कि पार्टी को पूर्व सांसद हरीष द्विवेदी और वर्तमान जिलाध्यक्ष विवेकानंद मिश्र से बचा लीजिए, वरना पार्टी डूब जाएगी, तो स्थित को गंभीर माना जा सकता है। महिला ने एक तरह से उन लोगों के आरोपों को सही साबित करने का प्रयास किया, जिसमें यह कहा जाता रहा है, कि यह दोनों को जो चाहते हैं, पार्टी और जिले में वही होता है। महिला ने लिखा कि इसे लेकर पार्टी के कार्यकर्त्ताओं में काफी रोष व्याप्त है। कहती है, कि इसी रोश के चलते जिले से चार विधायक और एक सांसद को हार का मुंह देखना पड़ा।  स्पष्ट लिखा कि हर्रैया मंडल अध्यक्ष किरन सिंह ने जो पत्र अध्यक्षजी को लिखा हैं, उससे पता चलता है, कि पूर्व सांसद के चलते ही जिले से भाजपा को चार सीट गवांनी पड़ी। जिले में क्या हो रहा है।

पत्र में लिखा गया कि मैं 25 सालों से भाजपा की निष्ठापूर्वक निरंतर सेवा करती आ रही हूं, इसी सेवा के चलते पार्टी ने महिला मंडल हर्रैया, महिला सषक्तिकरण संर्घष समिति का सदस्य बनाया। कहा कि वर्तमान में वह जिला कार्यकारिणी की सदस्य है। लेकिन 3 अप्रैल 26 को जारी सूची से पता चला कि मुझे निष्कासित कर दिया गया। किसी पद पर भी नहीं रखा गया। लिखा कि वर्तमान संगठन के चलते जिले में नए-नए विवाद उत्पन्न हो गया, जिसके चलते भाजपा कमजोर होती जा रही है। अन्य दलों से भाजपा में आए लोगों के द्वारा पार्टी में फूट पूर्व सांसद और जिलाध्यक्ष के द्वारा डाला जा रहा है। कहा कि जो व्यक्ति कभी पार्टी का कार्यकर्त्ता नहीं रहा, उसे संगठन में ले लिया जा रहा है। जोर देकर कहा कि आने वाले समय में पार्टी के लिए शुभ नहीं कहा जा सकता। इस लिए आप से निवेदन हैं, कि बस्ती जिले का उद्वार करने की कृपा करे, ताकि पार्टी का सम्मान बचा रहे। यह पहली बार है, जब किसी महिला ने इस तरह का पत्र लिखा है। अगर इस पत्र के बाद भी अध्यक्षजी की आंख नहीं खुलती तो जिले से 27 में भाजपा का सफाया होने से कोई नहीं बचा सकता।